एलआईसी पॉलिसी संख्या 512N297V03 – स्वर्गीय श्री रिंकू जी की आश्रित पत्नी श्रीमती कल्पना को मृत्यु दावा राशि का शीघ्र भुगतान एवं बीमा प्रणाली में जन-हितैषी सुधार हेतु माननीय प्रधानमंत्री जी से अपील।

विषय: एलआईसी पॉलिसी संख्या 512N297V03 – स्वर्गीय श्री रिंकू जी की आश्रित पत्नी श्रीमती कल्पना को मृत्यु दावा राशि का शीघ्र भुगतान एवं बीमा प्रणाली में जन-हितैषी सुधार हेतु माननीय प्रधानमंत्री जी से अपील।
दिनांक : 03 – 07 – 2026, विक्रम सिंह मौलिक अधिकारों के प्रति आवाज।
चंडीगढ़ के गांव कजहेड़ी, सेक्टर-52 निवासी स्वर्गीय श्री रिंकू जी का एलआईसी मृत्यु दावा उनकी पत्नी श्रीमती कल्पना जी को आज तक प्राप्त नहीं हो पाया है। इस गंभीर मानवीय विषय पर _Voice for Fundamental Rights_ के संस्थापक विक्रम सिंह ने माननीय प्रधानमंत्री जी का ध्यान आकर्षित कराते हुए त्वरित न्याय की मांग की है।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण :
1. पॉलिसी धारक : स्वर्गीय श्री रिंकू, सुपुत्र श्री कृष्ण कुमार, मकान नंबर. 2250, सेक्टर-52, गांव कजहेड़ी, चंडीगढ़। 2. पॉलिसी संख्या : 512N297V03, मृत्यु तिथि : 02 दिसंबर 2023, 3. नामिती : श्रीमती कल्पना
4. स्थिति : श्री रिंकू जी मृत्यु से पूर्व गंभीर बीमारी के कारण कार्य करने में असमर्थ हो गए थे। परिवार पर आर्थिक संकट आने से अंतिम कुछ किश्तें जमा नहीं हो सकीं। इसी तकनीकी आधार पर एलआईसी द्वारा दावा लंबित रखा गया है, जबकि उनके आश्रित दो बच्चे भी हैं। और उनका दावा क्लेम को तुरंत सेटल किया जाए,
विक्रम सिंह का पक्ष : बीमा का मूल उद्देश्य संकट के समय परिवार को आर्थिक संबल देना है। जब घर का एकमात्र कमाने वाला व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो जाए, तो किश्त चूक जाना स्वाभाविक मानवीय विवशता है। ऐसी स्थिति में परिवार को लाभ से वंचित करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि आम जनता का बीमा प्रणाली से विश्वास भी कम करता है।”
*माननीय प्रधानमंत्री जी से की गई प्रमुख मांगें :
1. तत्काल राहत : मानवीय आधार पर विशेष संज्ञान लेकर एलआईसी को निर्देशित किया जाए कि बकाया किश्तों की राशि को कुल क्लेम से समायोजित कर शेष भुगतान श्रीमती कल्पना जी को अविलंब किया जाए।
2. नीतिगत सुधार : गंभीर बीमारी/दुर्घटना में किश्त चूकने पर ‘ग्रेस पीरियड’ एवं क्लेम सेटलमेंट नियमों को अधिक लचीला व उपभोक्ता-अनुकूल बनाया जाए।
3. पारदर्शिता : सभी जीवन बीमा कंपनियों से वार्षिक आधार पर कुल मृत्यु दावे बनाम स्वीकृत/अस्वीकृत दावों का डेटा सार्वजनिक करवाया जाए, ताकि तकनीकी कारणों से दावों को अनुचित रूप से खारिज न किया जा सके।
4. जागरूकता : पॉलिसी जारी करते समय नशे संबंधी शर्तों की स्पष्ट जानकारी ग्राहक को अनिवार्य रूप से दी जाए।
विक्रम सिंह ने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री जी की सरकार सदैव ‘अंत्योदय’ के लिए प्रतिबद्ध रही है। हमें पूर्ण विश्वास है कि इस प्रकरण में आपका सकारात्मक हस्तक्षेप श्रीमती कल्पना जी के परिवार को न्याय दिलाएगा और देश के करोड़ों पॉलिसीधारकों का बीमा प्रणाली में भरोसा मजबूत करेगा।”
_Voice for Fundamental Rights_ बीमा क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं मानवीय दृष्टिकोण सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। हम सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह आम आदमी की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
जारी कर्ता
विक्रम सिंह
Voice for Fundamental Rights
मोबाईल नंबर : 9872197252



