डॉ. अंबेडकर के विचारों को अपनाकर ही सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे को किया जा सकता है मजबूत: अमरीक सिंह बंगड़
दीक्षा भूमि नागपुर में ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा (पंजी.) का ऐतिहासिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित: राकेश बहादुर

दीक्षा भूमि नागपुर में ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा (पंजी.) का ऐतिहासिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित: राकेश बहादुर
डॉ. अंबेडकर के विचारों को अपनाकर ही सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे को किया जा सकता है मजबूत: अमरीक सिंह बंगड़ 
चंडीगढ़।
ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा (पंजी.) के चंडीगढ़ प्रदेश संयोजक राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि महाराष्ट्र के नागपुर स्थित पवित्र दीक्षा भूमि में ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा (पंजी.) का एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम श्री दिलीप रामटेके की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में महाराष्ट्र के अनेक प्रमुख अंबेडकरवादी नेताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया।।
श्री दिलीप रामटेके, जिन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन समाज के कमजोर, वंचित और पिछड़े वर्गों को शिक्षा और संघर्ष के माध्यम से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा (पंजी.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश बहादुर ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर ने समानता, सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों पर आधारित समाज की कल्पना की थी। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य बाबा साहेब के मिशन को मजबूत करते हुए समाज को एकजुट करना और उनके विचारों को आगे बढ़ाना है।
महासभा के प्रधान महासचिव अमरीक सिंह बंगड़ ने कहा कि आज के समय में डॉ. अंबेडकर का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। उन्होंने सभी से बाबा साहेब के प्रसिद्ध सिद्धांत “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को अपनाकर समाज को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
महासभा की कोषाध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष रीना गावस्कर वाल्मीकि ने कहा कि कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी भागीदारी समाज में बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और आगे बढ़ने के अवसर दिलाने के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया तथा संविधान ने महिलाओं को मजबूत अधिकार प्रदान किए।
पंजाब प्रदेश अध्यक्ष निर्मलजीत ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर के विचार किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे देश और मानव समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
महाराष्ट्र प्रदेश में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रदेश संयोजक भाई असलम खातिमी ने सभी कार्यकर्ताओं और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दीक्षा भूमि की पवित्र धरती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने अंबेडकरवादी विचारधारा को नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा।
राहुल मोरे ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को डॉ. अंबेडकर के विचारों और संविधान के मूल्यों से जोड़ना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा (पंजी.) के चंडीगढ़ प्रदेश संयोजक राजबीर सिंह भारतीय ने चंडीगढ़ में मिली जानकारी के आधार पर कहा कि दीक्षा भूमि नागपुर में आयोजित यह कार्यक्रम बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता पर राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रधान महासचिव, सभी प्रदेश पदाधिकारियों, महाराष्ट्र के संयोजकों और आयोजन से जुड़े सभी साथियों को बधाई दी।
राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलकर ही देश में सामाजिक भाईचारा, धार्मिक सहिष्णुता, समानता और सामाजिक न्याय को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी यह संदेश देती है कि आज महिलाएं भी बाबा साहेब के विचारों और संविधान में दिए गए अधिकारों को समझते हुए समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का संदेश आज भी समाज को आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त मार्ग है। यदि देश का प्रत्येक नागरिक बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर के संविधान, समानता और भाईचारे के सिद्धांतों को अपनाए, तो एक मजबूत, समरस और प्रगतिशील भारत का निर्माण किया जा सकता है।
— राजबीर सिंह भारतीय
चंडीगढ़ प्रदेश संयोजक
ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा (पंजी.)



