प्रशासन को और कितनी बलि चाहिए?” – डड्डूमाजरा में दूषित पेयजल पर फूटा ममता डोगरा का गुस्सा

प्रेस नोट
“प्रशासन को और कितनी बलि चाहिए?” – डड्डूमाजरा में दूषित पेयजल पर फूटा ममता डोगरा का गुस्सा
चंडीगढ़, 13 जुलाई।

समाजसेवी एवं कांग्रेस महिला नेत्री ममता डोगरा ने डड्डूमाजरा क्षेत्र में लगातार आ रहे दूषित पेयजल को लेकर प्रशासन पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि डड्डूमाजरा के अनेक घरों में नलों से आने वाला पानी इतना गंदा है कि उसे पीना तो दूर, उससे बर्तन साफ करने पर भी मैल जम जाता है और सफेद कपड़े धोने पर वे पीले पड़ जाते हैं। इससे स्पष्ट है कि जलापूर्ति व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित है और लोग मजबूरी में दूषित पानी का उपयोग कर रहे हैं।

ममता डोगरा ने कहा कि मौली जागरण में दूषित पानी के कारण एक मासूम बच्ची की मौत की दुखद घटना पूरे शहर के लिए चेतावनी थी। उस समय प्रशासन को पूरे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की व्यापक जांच कर स्थायी समाधान करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज डड्डूमाजरा के लोग भी उसी तरह की परेशानी झेल रहे हैं।
उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि “क्या हर बार किसी निर्दोष की जान जाने के बाद ही अधिकारी जागेंगे? आखिर प्रशासन को और कितनी बलि चाहिए?”
ममता डोगरा ने चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम से मांग की कि डड्डूमाजरा क्षेत्र के पानी की तत्काल वैज्ञानिक जांच कराई जाए, दूषित जलापूर्ति को तुरंत रोका जाए, पाइपलाइन और जलाशयों की सफाई एवं मरम्मत कराई जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
जारीकर्ता:ममता डोगरासमाजसेवी एवं कांग्रेस महिला नेत्री



