इंटर्न विद्यार्थियों ने फील्ड एक्सपोज़र एवं सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के अंतर्गत कॉलोनी नं. 4 के नव-विकसित वन का भ्रमण किया

इंटर्न विद्यार्थियों ने फील्ड एक्सपोज़र एवं सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के अंतर्गत कॉलोनी नं. 4 के नव-विकसित वन का भ्रमण किया
चण्डीगढ़ : भारत सरकार की नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अंतर्गत संचालित इंटर्नशिप फील्ड एक्सपोज़र एवं सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया (ईएसआई), चंडीगढ़ ने वन एवं वन्यजीव विभाग, चंडीगढ़ के सहयोग से कॉलोनी नं. 4, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, चंडीगढ़ स्थित नव-विकसित वन का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया। यह वन वर्ष 2022 में न्यायालय के निर्देशों के उपरांत अवैध झुग्गी बस्ती हटाए जाने के बाद विकसित किया गया।
कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज सेक्टर-11, डीएवी कॉलेज सेक्टर-10, चंडीगढ़ तथा डीएवी कॉलेज करनाल के इंटर्न विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर ईएसआई के उपाध्यक्ष इंजी. हेम राज सतीजा, श्री अशोक कुमार बंसल, श्रीमती चांदनी शर्मा तथा आरके शर्मा भी उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए श्री एन.के. झिंगन, सचिव, द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया एवं सचिव (पर्यावरण), भारतीय एकता मंच ने बताया कि यह भूमि मूलतः वन एवं हरित क्षेत्र के लिए आरक्षित थी, किंतु वर्षों तक अतिक्रमण के कारण इसका स्वरूप बिगड़ गया था। न्यायालय के निर्देशों के बाद अतिक्रमण हटाकर वन एवं वन्यजीव विभाग, यू.टी. चंडीगढ़ ने प्रशासन, नगर निगम, सामाजिक संस्थाओं एवं नागरिकों के सहयोग से यहां व्यापक वृक्षारोपण कर इसे एक विकसित शहरी वन का स्वरूप प्रदान किया।
बलविंदर सिंह, ब्लॉक फॉरेस्ट ऑफिसर एवं अमरिंदर सिंह, फॉरेस्ट गार्ड ने बताया कि इस वन क्षेत्र में लगभग 50 प्रजातियों के 3,000 से अधिक वृक्ष एवं झाड़ियां लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पौधों की नियमित निगरानी की जाती है तथा सूखने या क्षतिग्रस्त होने वाले पौधों को तुरंत नए पौधों से प्रतिस्थापित किया जाता है, जिससे वन का विकास निरंतर बना रहे।
अधिकारियों ने गड्ढा तैयार करने, वैज्ञानिक विधि से पौधारोपण तथा पौधों की देखभाल की जानकारी भी दी। सभी इंटर्न विद्यार्थियों ने स्वयं पौधे लगाए तथा भविष्य में चंडीगढ़ आने पर उनकी प्रगति देखने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का संकल्प लिया।
इसके उपरांत विद्यार्थियों को वन क्षेत्र का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने देखा कि किस प्रकार एक समय अतिक्रमित भूमि को विकसित कर जैव विविधता से समृद्ध हरित वन में परिवर्तित किया गया है।
इंटर्न विद्यार्थियों ने पूरे कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी जानकारी की सराहना की। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन इंजी. हेम राज सतीजा, उपाध्यक्ष, द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने वन एवं वन्यजीव विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के फील्ड विजिट विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यवहारिक समझ एवं जिम्मेदारी विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



