मनीमाजरा सैक्टर 13 और मौलीजागरां क्षेत्र में जल संकट गहराया, 24×7 पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह विफल साबित हो रहा है — राजबीर सिंह भारतीय, सुभाष धीमान एवं रॉबर्ट विलियम


मनीमाजरा सैक्टर 13 और मौलीजागरां क्षेत्र में जल संकट गहराया, 24×7 पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह विफल साबित हो रहा है — राजबीर सिंह भारतीय, सुभाष धीमान एवं रॉबर्ट विलियम
चंडीगढ़।
ऑल मनीमाजरा रेजिडेंट्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर-13, चंडीगढ़ के अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय, चेयरमैन सुभाष धीमान झोपड़ीन तथा समाजसेवी रॉबर्ट विलियम ने मनीमाजरा, मौलीजागरां, विकास नगर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार गहराते जल संकट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शहर के नागरिकों को आज भी उनकी सबसे मूलभूत आवश्यकता—स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल—उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों पहले मनीमाजरा, मौलीजागरां और आसपास के पूरे क्षेत्र में 45 के लगभग पानी सप्लाई के ट्यूबवेल नियमित रूप से लोगों को पानी की आपूर्ति करते थे। आज यह संख्या घटकर 30 से भी कम रह गई है। दूसरी ओर क्षेत्र की आबादी पिछले वर्षों में कई गुना बढ़ चुकी है, लेकिन जलापूर्ति के संसाधन बढ़ाने के बजाय लगातार कम होते गए हैं। यही कारण है कि अधिकांश क्षेत्रों में पानी कम समय के लिए और बेहद कम प्रेशर के साथ मिल रहा है।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि 24×7 जलापूर्ति पायलट प्रोजेक्ट से लोगों को स्वच्छ, पर्याप्त और निर्बाध पानी देने का दावा किया गया था, लेकिन यह परियोजना जमीनी स्तर पर अपनी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी। आज भी अनेक घरों में गंदा, मटमैला और मिट्टीयुक्त पानी पहुंच रहा है। इस पानी से कपड़े खराब हो रहे हैं, बर्तनों पर गंदगी जम रही है और भोजन बनाने तथा पीने के लिए इसका उपयोग करना लोगों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम बन गया है। यदि लोगों तक गुणवत्तापूर्ण पानी ही नहीं पहुंच रहा, तो इस परियोजना के उद्देश्य पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि जब 24×7 परियोजना के तहत पानी की सप्लाई की जा रही है, तो पानी की गुणवत्ता की जांच केवल जल संयंत्र तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक क्षेत्र में पाइपलाइन नेटवर्क और घरों तक पहुंचने वाले पानी की नियमित जांच होनी चाहिए। साथ ही जल विभाग को विशेष अभियान चलाकर लोगों के घरों की पानी की टंकियों का निरीक्षण करना चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि सप्लाई के दौरान पाइपलाइनों के माध्यम से कितनी मिट्टी, गाद और अन्य अशुद्धियां टंकियों तक पहुंच रही हैं।

समाजसेवी रॉबर्ट विलियम ने कहा कि मौलीजागरां में लगभग 8 ट्यूबवेल हैं, लेकिन इनमें से 3 लंबे समय से बंद पड़े हैं या पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर रहे। विकास नगर की बड़ी आबादी पूरी तरह ट्यूबवेलों के पानी पर निर्भर है। पानी कम प्रेशर से आने के कारण लोगों को बार-बार बिजली की मोटर चलानी पड़ती है, जिससे बिजली का बिल भी लगातार बढ़ रहा है।
राजबीर सिंह भारतीय और सुभाष धीमान ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ओर नागरिकों से पानी, सीवरेज और गार्बेज कलेक्शन के बिल नियमित रूप से वसूले जा रहे हैं और पानी के शुल्क भी कई गुना बढ़ाए जा चुके हैं, लेकिन बदले में लोगों को न तो पर्याप्त पानी मिल रहा है और न ही स्वच्छ पेयजल। मनीमाजरा सेक्टर-13 तथा आसपास के क्षेत्रों के निवासी प्रतिदिन शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, फिर भी समस्या का स्थायी समाधान दिखाई नहीं दे रहा।
उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम और जल आपूर्ति विभाग से मांग की कि बंद पड़े सभी ट्यूबवेल तत्काल चालू किए जाएं, आवश्यकता अनुसार नए ट्यूबवेल लगाए जाएं, नहरी पानी की पूरी आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, 24×7 पायलट प्रोजेक्ट की स्वतंत्र तकनीकी जांच करवाई जाए तथा पूरे क्षेत्र में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और प्रशासन की होगी।
जारी कर्ता
राजबीर सिंह भारतीय
अध्यक्ष, ऑल मनीमाजरा रेजिडेंट्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन सैक्टर 13 चंडीगढ़



