चण्डीगढ़ महाजन सभा रिश्ते-नाते परिवार मिलन दिवस में 115 परिवारों ने लिया हिस्सा
संस्था के प्रयास से 9 परिवारों में रिश्ते तय, 3-4 रिश्ते अंतिम चरण में


चण्डीगढ़ : महाजन सभा, चण्डीगढ़, सेक्टर 37 द्वारा शादी योग्य बच्चों के लिए उपयुक्त रिश्ते तलाशने और परिवारों को आपस में मिलने का एक बेहतर मंच उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से दूसरे “रिश्ते-नाते परिवार मिलन दिवस” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चण्डीगढ़, मोहाली और पंचकूला के अलावा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू क्षेत्र के विभिन्न शहरों से लगभग 115 परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर अमृतसर, जालंधर, गुरदासपुर, बटाला, अंबाला, यमुनानगर, हिसार, सुजानपुर टीहरा, मंडी, कांगड़ा, जम्मू, कठुआ सहित विभिन्न स्थानों से परिवार कार्यक्रम में पहुंचे। बड़ी संख्या में परिवारों की उपस्थिति ने आयोजन के प्रति महाजन बिरादरी के विश्वास और रुचि को प्रदर्शित किया।
महाजन सभा, चंडीगढ़ के प्रधान राम मूर्ति महाजन ने कहा कि पिछले आयोजन को मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया और सफलता ने सभा को इस कार्यक्रम को दोबारा आयोजित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस बार भी परिवारों ने कार्यक्रम को हाथों-हाथ लिया और बड़ी संख्या में पहुंचकर इसे सफल बनाया। उन्होंने कहा कि उपस्थित परिवारों की संख्या और उनका उत्साह इस आयोजन की सफलता की स्पष्ट गवाही है।

आयोजन समिति के सदस्य उमा कांत मेहता ने बताया कि इस आयोजन के दौरान नौ परिवारों के बच्चों के रिश्ते तय होने में सफलता मिली, जबकि 3-4 परिवार ऐसे भी हैं जो रिश्ते को अंतिम रूप देने के करीब हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन परिवारों के रिश्ते भी नवरात्रों के शुभ अवसर पर शीघ्र ही तय हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि महाजन सभा, चंडीगढ़ को महाजन बिरादरी की ओर से मिल रहा विश्वास भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों को जारी रखने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
सभा के सदस्य मोहन लाल महाजन ने बताया कि “रिश्ते-नाते परिवार मिलन दिवस” का आयोजन पूर्णतः निःशुल्क रखा गया था और इसमें किसी भी परिवार से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि सभा का मुख्य उद्देश्य समाज के परिवारों को एक-दूसरे से मिलने, बातचीत करने और अपने बच्चों के लिए उपयुक्त रिश्ते तलाशने का सहज एवं सम्मानजनक अवसर प्रदान करना है।
कार्यक्रम में शामिल परिवारों ने महाजन सभा चंडीगढ़ के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज को जोड़ने वाली एक सकारात्मक पहल बताया। पदाधिकारियों, आयोजन समिति के सदस्यों एवं सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

