IISER मोहाली /चंडीगढ़ में ‘युवा संगम’ के सातवें चरण को लेकर प्रेस वार्ता, गुजरात से लौटे विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
चंडीगढ़ के विद्यार्थियों ने 9 से 17 अक्टूबर तक गुजरात की संस्कृति, विरासत, उद्योग और शैक्षणिक गतिविधियों को करीब से जाना; अब पंजाब और चंडीगढ़ की मेजबानी के लिए तैयारियां


राकेश शर्मा ( tricitinews.com)
चंडीगढ़, 22 अक्टूबर 2026। एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के सातवें चरण को लेकर भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) मोहाली, चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान कार्यक्रम के उद्देश्यों, विद्यार्थियों के अनुभवों तथा विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी साझा की गई।


प्रेस वार्ता में बताया गया कि युवा संगम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक जीवन, शैक्षणिक उपलब्धियों और विकास यात्रा से परिचित कराना है। यह पहल प्रधानमंत्री के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए युवाओं के बीच आपसी समझ, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने का माध्यम है।
गुजरात यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने जाना स्थानीय जीवन

जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ के विद्यार्थियों ने 9 से 17 अक्टूबर 2026 तक गुजरात का दौरा किया। इस एक्सपोजर विजिट के दौरान विद्यार्थियों को गुजरात की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों, उद्योगों, व्यापार, स्थानीय परंपराओं और शैक्षणिक गतिविधियों को समझने का अवसर मिला। इस तरह की यात्राएं युवाओं को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर देश की विविधता और विकास की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराती हैं।
प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि युवा संगम केवल पर्यटन तक सीमित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह अनुभव-आधारित शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, अंतरराज्यीय संवाद और राष्ट्रीय एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। विद्यार्थियों के बीच आपसी संवाद से नई मित्रताएं विकसित होती हैं और विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन के प्रति समझ बढ़ती है।
पंजाब और चंडीगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होंगे गुजरात के विद्यार्थी
कार्यक्रम के अगले चरण में गुजरात से आने वाले विद्यार्थियों के 23 से 29 अक्टूबर 2026 के दौरान पंजाब और चंडीगढ़ के दौरे का उल्लेख किया गया। इस यात्रा के माध्यम से विद्यार्थियों को पंजाब और चंडीगढ़ की ऐतिहासिक विरासत, कृषि एवं औद्योगिक प्रगति, वैज्ञानिक शिक्षा, स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जीवन से परिचित कराने पर जोर रहेगा।
इस आदान-प्रदान से दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को एक-दूसरे की उपलब्धियों, जीवनशैली और सांस्कृतिक विशेषताओं को समझने का अवसर मिलेगा। साथ ही, युवाओं के बीच दीर्घकालिक संबंध स्थापित करने और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
शिक्षा के साथ राष्ट्र निर्माण का संदेश
प्रेस वार्ता में युवा संगम को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और देश की विविधता को समझने की दिशा में उपयोगी पहल बताया गया। IISER मोहाली की भागीदारी को शिक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता से जोड़कर देखा गया।
कार्यक्रम का व्यापक संदेश है कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में निहित है और युवाओं के बीच संवाद, सहयोग तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान से एक सशक्त, समावेशी और एकजुट भारत का निर्माण किया जा सकता है।
संदेश: “भारत का भविष्य उसके युवाओं के हाथों में है। युवा संगम के माध्यम से हम केवल दो क्षेत्रों को नहीं जोड़ते, बल्कि युवाओं के विचारों, संस्कृतियों, आकांक्षाओं और सपनों को भी जोड़ते हैं।”
एक भारत, श्रेष्ठ भारत — विविधता में एकता, युवाओं के माध्यम से जुड़ता भारत।


