नुक्कड़ नाटक आयोजित करके विश्व रंगमंच दिवस मनाया थिएटर आर्ट्स ने

नुक्कड़ नाटक आयोजित करके विश्व रंगमंच दिवस मनाया थिएटर आर्ट्स ने
चण्डीगढ़ : विश्व रंगमंच के उपलक्ष्य पर थियेटर आर्ट्स, चण्डीगढ़ के कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक स्वच्छ घर स्वच्छ भारत का मचंन सैक्टर 17 स्थित प्लाजा में किया गया। इस नाटक का निर्देशन राजीव मेहता ने किया। विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर ट्राइसिटी के सुप्रसिद्ध और वरिष्ठ रंगकर्मी सतपाल सिंह को उनकी रंगमंच के प्रति विशिष्ठ सेवाओं के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
विश्व थिएटर दिवस का मुख्य उत्सव केंद्रों और आईटीआई के सामान्य सचिवालय द्वारा किया गया। नाटक में यह दिखाया गया कि यदि हम अपने आसपास में साफ-सफाई नहीं रखेंगे तो अनेक प्रकार की बीमारियां फैल जाएगी, जोकि हमारे समाज के लिए हानिकारक है।
कहानी में यह दिखाया गया है कि एक व्यक्ति जो अपनी शादी में 20 साल पहले नहाया था और उसके बाद आज तक नहाया ही नहीं, जिस कारण अनेक बीमारियों से ग्रस्त होते हुए भी हम नही सुधरेगे का नारा लगाता रहता है। लोग पान और गुटखा खाकर अपने आसपास थूक देते हैं, इसी प्रकार से छोटी-छोटी गलतियों से सड़कों पर गंदगी फैल जाती है, और भयानक बीमारियों का रूप ले लेती है। नाटक में संवाद और अभिनय के द्वारा बताया गया कि हमें किस प्रकार से छोटी-छोटी चीजों को ध्यान में रखना है, अपने आसपास-सफाई रखनी है ताकी हमारा आस-पड़ोस, हमारा घर, राज्य और देश स्वच्छ और स्वस्थ हो सके।
मनोरंजन के दृष्टिकोण से विश्व रंगमंच दिवस अपना खास स्थान रखता है। हर साल 27 मार्च के दिन विश्व रंगमंच दिवस का आयोजन किया जाता है। विश्व रंगमंच दिवस 2026 हर वर्ष 27 मार्च को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है। इस वर्ष का संदेश प्रसिद्ध अभिनेता और रंगमंच निर्माता विलेम डाफो द्वारा लिखा गया है, जो कला और शांति के महत्व को वैश्विक समुदाय में उजागर करता है। पूरे विश्व में रंगमंच को अपनी अलग पहचान दिलाने के लिए साल 1961 में अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान अंतर्राष्ट्रीय थिएटर इंस्टीट्यूट ने इस दिन की नींव रखी थी।
ऋग्वेद के कतिपय सूत्रों में यम और यमो पुरुरवा और उर्वशी आदि के कुछ संवाद है इन संवाद में लोग नाटक के विकास को देखते हैं इन्हीं संवादों से प्रेरणा पाकर लोगों ने नाटक की रचना की होगी और इसी से नाट्य कला का विकास हुआ यथा सम’य भरतमुनि ने उसे असली रूप दिया । भरतमुनि ने अपने नाट्यशास्त्र में नाटकों के विकास की प्रक्रिया को लिखा है नाट्य कला की उत्पत्ति देवी है ।
नाटक कलाकार और दर्शकों दोनों के मन पर अपनी छाप छोड़ता है,
समाज में फैल रही अच्छाइयों और बुराइयों को नाटक द्वारा चित्रण किया जाता है। नुक्कड़ नाटक स्वच्छ घर स्वच्छ भारत से संदेश दिया कि हमें अपने आस पडोस और अपने शहर को साफ सुथरा रखना चाहिए ।
नाटक के कलाकारों में योगेश अरोड़ा, राजीव मेहता, सतपाल सिंह, भूपिंदर सिह संधू, आशा सकलानी, अवदेश कुमार, राहुल वर्मा, रविंदर सिंह रावत, हरप्रीत सिह आदि शामिल थे।



