सत्ताधारी पार्टी ने महिला आरक्षण को परिसीमन और सीट वृद्धि की प्रक्रिया से जोड़कर ‘राजनीतिक खेल’ खेला है : राजबीर सिंह भारतीय


Chandigarh : मनीमाजरा ईडब्ल्यूएस रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने लोकसभा में पेश किए गए महिला आरक्षण बिल (संविधान ॥3॥वां संशोधन विधेयक, 2026) को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।शुक्रवार को जारी प्रेस नोट में भारतीय ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी ने महिला आरक्षण को परिसीमन और सीट वृद्धि की प्रक्रिया से जोड़कर ‘राजनीतिक खेल’ खेला है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को33% आरक्षण देने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ और यह सिर्फ चुनावी जुमला बनकर रह गया है।राजबीर सिंह भारतीय ने सवाल उठाया कि जब 2023 में महिला आरक्षण बिल पहले ही पारित हो चुका था, तो सरकार ने इसे मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर तुरंत लागू क्यों नहीं किया। उनका आरोप है कि परिसीमन से जोड़कर इसे अनिश्चितकाल तक टालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे हिंदी भाषी क्षेत्रों में सीटें बढ़ाकर राजनीतिक लाभ लेने और दक्षिण भारतीय राज्यों के प्रतिनिधित्व को प्रभावित करने की मंशा झलकती है।भारतीय ने सरकार के ‘महिला हितैषी’ दावों पर सवाल उठाते हुए पिछले कुछ वर्षों में हुई घटनाओं का जिक्रकिया। उन्होंने मणिपुर हिंसा के दौरान महिलाओं के साथ हुई घटनाओं, दिल्ली में महिला पहलवानों के प्रदर्शन, हाथरस कांड में रात में किए गए अंतिम संस्कार, और कथुआ-उन्नाव की घटनाओं का उल्लेख कर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।भारतीय ने कहा कि विपक्षी दलों और बुद्धिजीवियों ने सरकार की ‘बांटो और राज करो’ नीति को समझ लिया, जिसके कारण सदन में यह प्रस्ताव गिर गया। उन्होंने मांग की कि अगर सरकार महिला आरक्षण को लेकर गंभीर है तो परिसीमन या जनगणना का इंतजार किए बिना मौजूदा सीटों पर ही इसे तत्काल लागू किया जाए।फिलहाल इस बयान पर केंद्र सरकार या सत्ताधारी दल की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहींआई है।



