पंजाब सिविल सचिवालय की जॉइंट एक्शन कमेटी ने सरकार के खिलाफ विशाल रैली की

पंजाब सिविल सचिवालय की जॉइंट एक्शन कमेटी ने सरकार के खिलाफ विशाल रैली की
पहली बार डायरेक्टोरेट्स और क्षेत्रीय कार्यालयों के कर्मचारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया
“युद्ध सरकार विरुद्ध” के नारे लगाए
चण्डीगढ़ : पंजाब सिविल सचिवालय की जॉइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर आज पंजाब सिविल सचिवालय-1 में कर्मचारियों ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ ऐतिहासिक और विशाल रैली आयोजित की।
सचिवालय के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि डायरेक्टोरेट्स और क्षेत्रीय कार्यालयों के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। रैली की एक खास बात यह रही कि पंजाब सिविल सचिवालय-2 के कर्मचारियों ने अपनी कार्यालय इमारत पूरी तरह खाली कर दी, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मार्च करते हुए मुख्य सचिवालय में आयोजित रैली में शामिल हुए।
रैली के दौरान कर्मचारियों का आक्रोश आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। जॉइंट एक्शन कमेटी ने हाईकोर्ट और न्यायाधीशों का धन्यवाद किया, जिन्होंने तथ्यों और नियमों के आधार पर महंगाई भत्ता (डीए) के मामले में कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया। डीए मामले से जुड़े वकीलों और याचिकाकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।
कर्मचारी नेता सुखचैन सिंह खेहरा ने “युद्ध सरकार विरुद्ध” के नारे लगाते हुए अपने संबोधन में कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार एक सुनियोजित नीति के तहत कर्मचारियों का दमन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के डीए और आयकर के पैसे का इस्तेमाल वोटरों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीए कर्मचारियों का अधिकार है, लेकिन सरकार इसे देने से इनकार कर रही है और उसी पैसे से जनता को मुफ्त सुविधाएं देकर वोट हासिल करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि कर्मचारी सरकार की इन नीतियों को सफल नहीं होने देंगे और एक मजबूत कर्मचारी वोट बैंक बनाकर आम आदमी पार्टी सरकार को सत्ता से बाहर करेंगे। रैली के दौरान अधिवक्ता बलदेव सिंह मान और अधिवक्ता सनी सिंगला ने डीए केस की जानकारी दी, जबकि मुख्य याचिकाकर्ता गुरविंदर सिंह ने भी सभा को संबोधित किया।
पंजाब सिविल सचिवालय स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार फौजी और महासचिव साहिल शर्मा ने बताया कि एसोसिएशन ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर माननीय हाईकोर्ट में कुल पांच मामले दायर किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पुरानी पेंशन योजना बहाली और अन्य मुद्दों को लागू करने के वादे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन अब इन वादों से पीछे हट गई है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि या तो कर्मचारियों की सभी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए, अन्यथा आगामी विधानसभा चुनावों में गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
इस रैली में पंजाब सिविल सचिवालय जॉइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों—मनजीत सिंह रंधावा, परमदीप सिंह भबात, मलकीत सिंह औजला, मिथुन चावला, बलराज सिंध दाऊन, अलका चोपड़ा, कुलवंत सिंह, सिकंदर सिंह, जसवीर कौर, बजरंग यादव और हरियाणा सिविल सचिवालय के अध्यक्ष सत्यवान सरोहा सहित चंडीगढ़ और मोहाली के डायरेक्टोरेट कार्यालयों से अमित कटोच, दविंदर सिंह बैनीपाल, हरनेक सिंह, हरचरणजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, प्रो. दिनेश निम्बड़िया, मनप्रीत कौर, बलविंदर सिंह, हरप्रीत कौर, कर्णवीर सिंह गिल, राजिंदर कुमार, जसविंदर सिंह, मुकेश कुमार, गुरप्रीत सिंह, जसवीर सिंह और रणजोत सिंह आदि ने भी भाग लिया और अपने विचार साझा किए।



