दृष्टिबाधित शतरंज खिलाड़ियों ने समावेशी मुकाबले में टास्कस टीम को दी मात

दृष्टिबाधित शतरंज खिलाड़ियों ने समावेशी मुकाबले में टास्कस टीम को दी मात

चण्डीगढ़ : नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (एनएबी), चण्डीगढ़ ने टास्कस के सहयोग से एक अनूठे समावेशी शतरंज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया।
विनोद चड्ढा, अध्यक्ष, एनएबी, चंडीगढ़ ने बताया कि इस प्रतियोगिता में एनएबी के 10 दृष्टिबाधित खिलाड़ियों ने टास्कस टीम के 10 दृष्टि-संपन्न खिलाड़ियों के साथ मुकाबला किया। यह प्रतियोगिता रणनीति, धैर्य और प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन रही, जिसमें दृष्टिबाधित खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए मुकाबले में जीत हासिल की।
इस पहल का उद्देश्य दृष्टिबाधित एवं सामान्य खिलाड़ियों को एक साझा मंच प्रदान करना था, जिससे समावेशिता को बढ़ावा मिले और दृष्टिबाधित व्यक्तियों की असाधारण प्रतिभा को सम्मान मिल सके। यह आयोजन इस बात का सशक्त उदाहरण रहा कि प्रतिभा किसी भी शारीरिक सीमा से परे होती है।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दृष्टिबाधित व्यक्तियों की क्षमताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें बौद्धिक खेलों में भागीदारी के लिए प्रेरित करना था। शतरंज एक ऐसा खेल है जिसमें दृष्टिबाधित खिलाड़ी विशेष स्पर्श आधारित (टैक्टाइल) शतरंज बोर्ड की सहायता से समान स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
टास्कस, एनएबी की विभिन्न पहलों जैसे निःशुल्क नेत्र जांच शिविर, नेत्र देखभाल सेवाएं एवं पुनर्वास कार्यक्रमों में एक महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है। संस्था ने मोहाली के माजरी ब्लॉक में एनएबी के नए संस्थान के बुनियादी ढांचे और साज-सज्जा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस अवसर पर विनोद चड्ढा ने कहा कि यह साझेदारी एक समावेशी समाज के निर्माण के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां दिव्यांगजन को समान अवसर मिलें। उन्होंने टास्कस के निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान दृष्टिबाधित कलाकारों के एक बैंड द्वारा प्रस्तुत संगीत कार्यक्रम ने आयोजन को और भी प्रेरणादायक एवं यादगार बना दिया।



