जीवन की मुश्किलों का ऐसे हल बनती चल, ग़म भी लगे हँसने तू ऐसे मुस्कुराती चल…

जीवन की मुश्किलों का ऐसे हल बनती चल, ग़म भी लगे हँसने तू ऐसे मुस्कुराती चल…
चण्डीगढ़ : बृहस्पति कला केंद्र, चण्डीगढ़ और वागीश्वरी ए ग्रुप ऑफ़ आर्टहॉलिक्स के संयुक्त तत्वाधान में टैगोर थिएटर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम डॉ मंजू चौहान की अध्यक्षता मे हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि प्रोफेसर गुरदीप गुल धीर, विशिष्ट अतिथि अनुरानी शर्मा, रेखा शर्मा, पूनम शर्मा और डॉ मंजू चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। कार्यक्रम मे जाने माने गायकों ने हिस्सा हिसा लिया जिसमें रेखा शर्मा ने ये ज़िंदगी उसी की है, पंकेश कुमार ने डम डम डिगा डिगा और पूनम शर्मा ये समां, समां है ये प्यार का गाकर दर्शकों से तालियां बटोरी।
एस पी दुग्गल ने ये तो कहो कौन हो तुम , नवीन देवान ने रमैया वस्तावैया इस अंदाज़ में गाया कि लोगों के पैर थिरकने शुरू हो गए। डॉ आर पी बंसल और सोनिया पंचाल और आर एन गुप्ता ने चाँद आहें भरेगा, प्रेम सिंगला ने गाया मैं तो एक ख्वाब हूं, नरेश गौतम ने तारों से सजके अपने सूरज से, निर्मल जीत सिंह ने दुनियां बनाने वाले, राजेश कंवर ने सारंगा तेरी याद में, डॉ गुरप्रताप सिंह ने धड़कनों के साज पर क्या गाकर दर्शकों से तालियां बटोरी।
डॉ शशिकांत, तरसेम राज, प्रवेश गुप्ता, एमपी सिंह, हर्षिका, अनुपम गुप्ता, राकेश मित्तल, अनामिका, मीना भट्ट, संजीव कौड़ा एवं डॉ मंजू चौहान आदि ने अपनी खूबसूरत प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया। मीनाक्षी बख़्शी के नृत्य की सभी ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। जयदीप सिंह ने ए सनम जिसने तुझे गाकर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। याशी शर्मा की प्रस्तुति शानदार रही जहाँ अनुरानी शर्मा ने आज की नारी को समर्पित कविता पेश की। वही प्रोफेसर गुरदीप गुल ने अपनी ग़ज़ल से सभी का दिल जीत लिया। डॉ मंजू चौहान ने कहा जीवन की मुश्किलों का ऐसे हल बनती चल, ग़म भी लगे हँसने तू ऐसे मुस्कुराती चल।
कार्यक्रम के अंत में बागेश्वरी ए ग्रुप की संस्थापिका डॉ मंजू चौहान ने सभी को सम्मानित कर धन्यवाद किया।



