अक्षय तृतीया पर 171 क्विंटल इक्षु रस का ऐतिहासिक भंडारा सम्पन्न, 15 वर्षों की सेवा परंपरा ने रचा नया आयाम


चण्डीगढ़ : अहिंसा चैरिटेबल सेवा समिति द्वारा भगवान ऋषभदेव के प्रथम पारणा दिवस के पावन अवसर पर अक्षय तृतीया के दिन 171 क्विंटल इक्षु रस (गन्ना रस) का विराट भंडारा अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं भव्यता के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। पिछले 15 वर्षों से निरंतर चल रही यह सेवा परंपरा इस वर्ष एक ऐतिहासिक स्वरूप में परिवर्तित हो गई, जिसमें अभूतपूर्व जनसहभागिता देखने को मिली।
समिति के मार्गदर्शक एवं वरिष्ठ समाजसेवी राजेन्द्र प्रसाद जैन (डीएमसी) ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन के माध्यम से जैन धर्म के मूल सिद्धांत अहिंसा, अपरिग्रह (वैराग्य) एवं आत्मिक शुद्धि का संदेश समाज के हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंचा।
मुख्य भंडारा कार्यक्रम श्री दिगंबर जैन मंदिर, सेक्टर 27-बी, चंडीगढ़ में आयोजित किया गया, जहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। इसके साथ ही चंडीगढ़, मोहाली, डेराबस्सी एवं कालका सहित कुल 14 स्थानों पर यह सेवा कार्य एक साथ संचालित हुआ। सभी स्थानों को मिलाकर लगभग 50,000 से अधिक जनसामान्य एवं धर्मावलंबियों ने इस भंडारे में भाग लिया और इक्षु रस का लाभ प्राप्त किया, जो इस आयोजन की व्यापकता और सफलता को दर्शाता है।
कार्यक्रम की विशेष गरिमा क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी के पावन सानिध्य से और बढ़ गई, जिनके आशीर्वचन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण किया। समिति के अध्यक्ष डॉ. अजय जैन ने सभी समाजजनों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन सेवा, समर्पण और सामूहिक शक्ति का जीवंत उदाहरण है।
विशेष रूप से यह भी उल्लेखनीय है कि श्री दिगंबर जैन मंदिर जी में यह इक्षु रस भंडारा कल भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस पुण्य सेवा का लाभ प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी बंधुओं ने सपरिवार उपस्थित होकर सेवा का लाभ लिया। आयोजन की सफलता में समिति के सभी सदस्यों का समर्पण और सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। यह भंडारा केवल सेवा का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में करुणा, संयम और आध्यात्मिक जागरूकता के संदेश को सशक्त रूप से प्रसारित करने का एक प्रेरणादायक अभियान भी सिद्ध हुआ।
अंत में समिति के महामंत्री रजनीश जैन ने सभी सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यों को और व्यापक स्तर पर करने का संकल्प दोहराया।



