स्मार्ट सिटी परियोजना बंद तो स्मार्ट मीटर भी तत्काल हटाए जाएं : राजबीर सिंह भारतीय
मनीमाजरा सेक्टर-13 में 24 घंटे पानी का दावा रहा अधूरा, स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े बिलों से लोग परेशान; प्रशासन, नगर निगम व प्रशासक से मिलकर उठाएंगे मुद्दा

स्मार्ट सिटी परियोजना बंद तो स्मार्ट मीटर भी तत्काल हटाए जाएं : राजबीर सिंह भारतीय
मनीमाजरा सेक्टर-13 में 24 घंटे पानी का दावा रहा अधूरा, स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े बिलों से लोग परेशान; प्रशासन, नगर निगम व प्रशासक से मिलकर उठाएंगे मुद्दा
मनीमाजरा, चंडीगढ़। ऑल मनीमाजरा रेजिडेंट्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन (सेक्टर-13) चंडीगढ़ के अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय, चेयरमैन सुभाष धीमान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह राणा, उपाध्यक्ष शमीम अहमद एवं रॉबर्ट विलियम, सचिव अभिजीत सैनी एवं पूजा, सह सचिव मंदीप, सैंकी, सतनाम सिंह बैंस एवं आरिफ हुसैन तथा लीगल एडवाइजर एडवोकेट अरुण कुमार वशिष्ठ ने कहा कि मनीमाजरा सेक्टर-13 में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शुरू किया गया 24 घंटे पेयजल आपूर्ति का पायलट प्रोजेक्ट अपने मूल उद्देश्य को पूरा नहीं कर सका।

परियोजना का उद्घाटन भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसकी गुणवत्ता, व्यवहारिकता और निर्धारित मानकों को लेकर शुरू से ही सवाल उठते रहे। एसोसिएशन ने कहा कि चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी और तत्कालीन मेयर कुलदीप कुमार ढिलोड़ ‘टीटा’ का उद्घाटन समारोह में शामिल न होना भी परियोजना को लेकर उनकी आशंकाओं को दर्शाता था। बाद की परिस्थितियों में परियोजना को लेकर विजिलेंस जांच की मांग उठी और गृह मंत्रालय को पत्र लिखे जाने की बात सामने आई। अंततः यह परियोजना चंडीगढ़ में बंद कर दी गई।
अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि जब परियोजना ही बंद हो चुकी है तो उसके तहत लगाए गए स्मार्ट पानी के मीटरों को जारी रखने का क्या औचित्य है? लोगों को कभी वास्तविक रूप से 24 घंटे पानी नहीं मिला, जबकि स्मार्ट मीटर लगने के बाद अनेक परिवारों के पानी के बिल कई-कई गुना बढ़ गए हैं। इसलिए स्मार्ट मीटर तत्काल हटाकर पुराने मीटर लगाए जाने चाहिए।

चेयरमैन सुभाष धीमान एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह राणा ने कहा कि परियोजना बंद होने के बाद भी यदि लोगों से उसी व्यवस्था के तहत अधिक बिल वसूले जा रहे हैं तो यह जनता के साथ अन्याय है। प्रशासन को बढ़े हुए बिलों की समीक्षा कर प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत देनी चाहिए।
उपाध्यक्ष शमीम अहमद एवं रॉबर्ट विलियम ने कहा कि पानी प्रत्येक परिवार की मूलभूत आवश्यकता है। 24 घंटे पानी देने के नाम पर लोगों को पर्याप्त और निर्बाध पानी नहीं मिला तथा दूसरी ओर बिलों में वृद्धि हुई, इसलिए पूरी व्यवस्था की तत्काल समीक्षा जरूरी है।
सचिव अभिजीत सैनी एवं पूजा तथा सह सचिव मंदीप, सैंकी, सतनाम सिंह बैंस एवं आरिफ हुसैन ने कहा कि सेक्टर-13 के निवासियों की समस्याओं को एकजुट होकर प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा और लोगों को राहत दिलाने के लिए एसोसिएशन हर स्तर पर आवाज उठाएगी।
लीगल एडवाइजर एडवोकेट अरुण कुमार वशिष्ठ ने कहा कि परियोजना, स्मार्ट मीटरों, बिलिंग व्यवस्था तथा उपभोक्ताओं पर पड़े आर्थिक प्रभाव की तकनीकी एवं प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शी जांच होनी चाहिए और जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
एसोसिएशन के सलाहकार मंडल के सरदार मनजीत सिंह, जोगेंद्र ठाकुर एवं रमेश चंद सिरसवाल सहित सेक्टर-13 चंडीगढ़ के अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी मांग का समर्थन करते हुए कहा कि परियोजना बंद होने के बाद स्मार्ट मीटरों को हटाकर पुराने मीटर लगाए जाएं और लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत दी जाए।
एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल जल्द ही चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम तथा प्रशासक से मुलाकात कर लिखित मांग-पत्र सौंपेगा। प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांग होगी कि स्मार्ट मीटर तत्काल हटाकर पुराने मीटर लगाए जाएं, बढ़े हुए पानी के बिलों की जांच कर उचित राहत दी जाए तथा मनीमाजरा सेक्टर-13 में नियमित, पर्याप्त, स्वच्छ और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि मनीमाजरा के लोग किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि जिस 24 घंटे पेयजल सुविधा का वादा किया गया था, उसे वास्तविक रूप में लागू करने और परियोजना की विफलता का आर्थिक बोझ आम जनता पर न डालने की मांग कर रहे हैं।
जारी कर्ता
राजबीर सिंह भारतीय
अध्यक्ष, ऑल मनीमाजरा रेजिडेंट्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन सैक्टर 13 चंडीगढ़



