news

सांसद साहनी ने स्कूल फीस नियमन के लिए अधिनियम की मांग की

सांसद साहनी ने स्कूल फीस नियमन के लिए अधिनियम की मांग की

आरटीई के क्रियान्वयन में खामियों को किया उजागर

राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने देशभर में स्कूल फीस के तर्कसंगत एवं समयबद्ध नियमन की तत्काल आवश्यकता पर बल देते हुए कहा है कि निजी स्कूलों की मनमानी और गैर-पारदर्शी फीस संरचना मध्यम वर्ग के अभिभावकों को गंभीर आर्थिक दबाव में डाल रही है।

 

उन्होंने संसद में निजी शैक्षणिक संस्थानों में फीस नियमन से संबंधित अपने प्रश्न पर शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी द्वारा दिए गए उत्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि यद्यपि शिक्षा समवर्ती सूची में है और फीस नियमन राज्यों पर छोड़ा गया है, फिर भी अत्यधिक और बार-बार वसूले जाने वाले शुल्क—जैसे वार्षिक फीस, पुनः प्रवेश शुल्क तथा ट्यूशन फीस से परे छिपे हुए शुल्क—को नियंत्रित करने के लिए कोई समान राष्ट्रीय ढांचा मौजूद नहीं है।

डॉ. साहनी ने कहा कि प्री-नर्सरी और प्ले स्कूलों में भी अत्यधिक फीस वसूली जा रही है, जो समाज के बड़े वर्ग के लिए वहन करना कठिन है।

 

डॉ. साहनी ने बताया कि बच्चों का निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के तहत 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क शिक्षा का अधिकार प्राप्त है तथा निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रवेश स्तर पर कम से कम 25% सीटें कमजोर वर्गों और वंचित समूहों के बच्चों के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है, साथ ही कैपिटेशन फीस पर स्पष्ट प्रतिबंध है।

 

इसके बावजूद, हाल के अध्ययनों और न्यायिक टिप्पणियों से स्पष्ट होता है कि यह प्रावधान जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो रहा है। नीति आयोग पर आधारित एक हालिया सर्वेक्षण में पाया गया है कि कई निजी स्कूल 25% कोटा पूरा नहीं कर रहे हैं, अभिभावकों को अपने अधिकारों की पर्याप्त जानकारी नहीं है, तथा प्रक्रियात्मक बाधाएं और प्रतिपूर्ति में देरी के कारण हजारों पात्र बच्चों को उनके वैध प्रवेश से वंचित होना पड़ रहा है।

 

डॉ. साहनी ने यह भी कहा कि वर्ष 2026 में भी सर्वोच्च न्यायालय को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निजी स्कूलों में 25% आरटीई कोटा लागू करने हेतु बाध्यकारी नियम बनाने के निर्देश देने पड़े हैं। यह उन मामलों के बाद हुआ, जहां कमजोर वर्गों के बच्चों को तकनीकी कारणों से प्रवेश से वंचित किया गया, जो स्पष्ट वैधानिक प्रावधानों के बावजूद क्रियान्वयन में गंभीर कमियों को उजागर करता है।

Ravinder Popli

House No. 3592, Sector 35 D, Chandigarh 9988293592/9780863592

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *