मोबाइल पर गेम्स खेलते अपनी जिंदगी यूं ही ना उड़ाना…

मोबाइल पर गेम्स खेलते अपनी जिंदगी यूं ही ना उड़ाना…
चण्डीगढ़ : एसएस फाउंडेशन द्वारा संचालित मनांजलि मंच, चण्डीगढ़ द्वारा एक काव्य संगोष्ठी का आयोजन डेंटल सर्जन डॉक्टर विनती गोयल द्वारा आयोजित किया गया। यह संगोष्ठी गुरु परंपरा को समर्पित रही। सबसे पहले अतिथियों द्वारा मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलित किया गया। तत्पश्चात् गायक सोमेश गुप्ता द्वारा गुरु वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस गोष्ठी में संस्था की संस्थापक डॉ. संतोष गर्ग ने कहा कि हम आज जो कुछ है वह गुरु के द्वारा दिए गए ज्ञान के कारण हैं। मुख्य अतिथि के रूप में इंग्लैंड से सपत्नीक पधारे डॉक्टर मोहिंद्र गिल ने अपनी भारतीय यादों के संस्मरण सुनाए। विशिष्ट अतिथि की भूमिका पंजाब यूनिवर्सिटी के पंजाबी विभाग के प्रमुख सरदार गुरपाल संधू ने निभाई। उन्होंने कहा कि पंजाबी और हिंदी दोनों बहनें हैं, दोनों की मां संस्कृत है, जो सबसे बढ़िया भाषा है। उन्होंने कहा कि वे हिंदुस्तान के बड़े शुक्रगुजार हैं, जिसने मुझे बहुत कुछ दिया। मंच का उत्कृष्ट संचालन करते हुए संस्था के सह सचिव कवि अनिल शर्मा चिंतक ने हास्य-व्यंग्य की अनेक रचनाएं सुनाईं। महासचिव डॉक्टर सुनयना बंसल ने सरहद से एक फौजी का संदेश देते हुए कहा कि हे देशवासियों, तुम एक ऐसा देश बनाना जिसमें युवाओं के हौंसले बुलंद हों, छोटी-छोटी मुसीबतों से कोई ना घबराए, मोबाइल पर गेम्स खेलते अपनी जिंदगी यूं ही ना उड़ाना। इस संगोष्ठी में कवयित्री रेखा मित्तल, नीरजा शर्मा, संगीता कुंद्रा, नेहा अरोड़ा आदि ने भी काव्य पाठ किया। डॉ. नितिन गर्ग, डॉ. पुष्पा, सौरभ, हितेश, राम बहादुर विशेष रूप में उपस्थित रहे। युवा गायिका सना ने भी अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी और अंत में डॉक्टर सुरेश गोयल ने सभी आए हुए अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया
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