मनीमाजरा ईडब्ल्यूएस रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रॉपर्टी टैक्स के फरमान का किया कड़ा विरोध : गरीबों की जेब पर डाका करार दिया
मनीमाजरा ईडब्ल्यूएस रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रॉपर्टी टैक्स के फरमान का किया कड़ा विरोध : गरीबों की जेब पर डाका करार दिया
मनीमाजरा : मनीमाजरा ईडब्ल्यूएस रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित बैठक में नगर निगम द्वारा पुनर्वास कॉलोनियों में भेजे जा रहे प्रॉपर्टी टैक्स के नोटिसों पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम सुंदर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय और चेयरमैन सुभाष धीमान ने संयुक्त बयान जारी करते हुए प्रशासन के इस कदम की कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इंदिरा कॉलोनी और अन्य पुनर्वास बस्तियों में जो मकान चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले परिवारों को दिए गए थे, उनका क्षेत्रफल 25 गज भी पूरा नहीं है। ऐसे छोटे मकानों पर प्रॉपर्टी टैक्स थोपना गरीबों के साथ भद्दा मजाक है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यहाँ के बाशिंदे इस टैक्स का पुरजोर विरोध करते हैं और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि गरीब आदमी पहले से ही गैस, बिजली, पानी और गार्बेज कलेक्शन की बढ़ी हुई दरों से त्रस्त है। अब प्रॉपर्टी टैक्स का नया बोझ डालकर प्रशासन गरीबों की जेब पर डाका मार रहा है। चंडीगढ़ जैसे शहर में एक आम आदमी का गुजर-बसर करना अब दूभर होता जा रहा है।
एसोसिएशन ने शिक्षा के बढ़ते खर्च पर भी चिंता जताई। चेयरमैन सुभाष धीमान और प्रधान श्याम सुंदर सयुंक्त बयान जारी करके बताया कि अप्रैल का महीना बच्चों के दाखिले का समय है। एक तरफ प्राइवेट स्कूलों की मनमानी लूट जारी है, तो दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों में भी कॉपी-किताबों के दाम बढ़ाकर गरीबों को लूटा जा रहा है। ऐसे में प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस देना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उपाध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय व सैक्टर 26 के प्रसिद्ध समाजसेवी अजय कुमार ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सिटी ब्यूटीफुल केवल कंक्रीट की सड़कों और ईंट-पत्थरों से सुंदर नहीं बनता। शहर की असली सुंदरता वहां रहने वाले नागरिकों के चेहरों की मुस्कराहट से होती है। लेकिन आज प्रशासन गरीब विरोधी नीतियां लागू कर उस मुस्कराहट को छीनने का काम कर रहा है। उन्होंने मांग की कि ईडब्ल्यूएस और पुनर्वास कॉलोनियों से प्रॉपर्टी टैक्स तुरंत वापस लिया जाए, छोटे मकानों को हमेशा के लिए टैक्स मुक्त घोषित किया जाए व बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की दरों में की गई वृद्धि को कम किया जाए।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन नोटिसों को तुरंत वापस नहीं लिया, तो वे जनता के साथ मिलकर जनहित एंव गरीब परिवारों के हक में अगला उचित कदम उठाएंगे।



