बंदी सिख मोर्चे के सेवादारों ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की, जत्थेदार हवारा को 5 दिन की पैरोल देने की अपील

बंदी सिख मोर्चे के सेवादारों ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की, जत्थेदार हवारा को 5 दिन की पैरोल देने की अपील
चण्डीगढ़ : बंदी सिख मोर्चे से जुड़े सेवादारों ने आज सेक्टर 44 स्थित शहीद उधम सिंह भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गत रोज मोर्चे के दौरान हुई घटना को लेकर पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजा सिंह व अन्य सेवादारों द्वारा जत्थेदार जगतार सिंह हवारा की माता जी के जीवन के अंतिम चरण को देखते हुए उन्हें कम से कम पांच दिन की पैरोल देने की भावनात्मक अपील की गई।
राजा सिंह ने कहा कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस उन लोगों द्वारा आयोजित की गई, जो बंदी सिख मोर्चे की शुरुआत से लेकर अब तक लगातार मोर्चे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा मोर्चे के दौरान कार्रवाई की गई, जिसकी वे कड़ी निंदा करते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जत्थेदार जगतार सिंह हवारा को पांच दिन की पैरोल देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। सेवादारों ने कहा कि अखंड पाठ साहिब की पूर्णता में लगभग तीन दिन का समय लगता है और यह सिख धर्म में महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों पर की जाने वाली प्रमुख परंपरा है। ऐसे में जत्थेदार हवारा को अपनी माता जी के अंतिम समय में परिवार के साथ रहने तथा धार्मिक संस्कारों में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए।
इसके साथ ही मोर्चे का समर्थन करने पहुंचे हिंदू समुदाय के लोगों की गिरफ्तारी पर भी सेवादारों ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण रूप से समर्थन देने पहुंचे लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई उचित नहीं है और सरकार को इस मामले में गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को राजा सिंह सहित मोर्चे के अन्य सेवादारों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ देखते हुए गिरफ्तार किए गए लोगों के संबंध में उचित कार्रवाई की जाए तथा जत्थेदार जगतार सिंह हवारा को मानवीय आधार पर तत्काल पैरोल प्रदान की जाए।



