प्रख्यात गायक आर.डी. कैले द्वारा सद्गुरु कबीर साहिब जी के सभी 3,404 दोहों को स्वरबद्ध कर साकार की गई ऐतिहासिक संगीत-परियोजना

प्रख्यात गायक आर.डी. कैले द्वारा सद्गुरु कबीर साहिब जी के सभी 3,404 दोहों को स्वरबद्ध कर साकार की गई ऐतिहासिक संगीत-परियोजना

चण्डीगढ़ : सद्गुरु कबीर साहिब जी को समर्पित एक अद्वितीय एवं ऐतिहासिक संगीत-परियोजना शीघ्र ही विश्वभर के श्रोताओं तक पहुँचेगी। इस अभूतपूर्व उपक्रम के अंतर्गत आकाशवाणी, नई दिल्ली के ए-ग्रेड कलाकार एवं प्रख्यात गायक आर.डी. कैले ने सद्गुरु कबीर साहिब जी के समस्त 3,404 दोहों का सस्वर गायन प्रस्तुत किया है।
सद्गुरु कबीर साहिब जी अपने अत्यंत सरल, किन्तु गहन अर्थपूर्ण दोहों के लिए विश्वविख्यात हैं। उनके दोहे अपनी कालजयी जीवन-दृष्टि, व्यावहारिक दर्शन, सामाजिक चेतना तथा सार्वभौमिक सद्भाव के संदेश के कारण पीढ़ी-दर-पीढ़ी मानव समाज का मार्गदर्शन करते रहे हैं। यद्यपि कबीर साहिब की काव्य-रचना अत्यंत विशाल है, तथापि उनके दोहे ही विद्यालयों, सार्वजनिक सभाओं, धार्मिक प्रवचनों, साहित्य, चलचित्रों तथा संगीत-मंचों पर सर्वाधिक उद्धृत एवं गाए जाते हैं। किंतु परंपरागत रूप से उनके केवल सीमित दोहों का ही गायन एवं पाठ होता रहा है, जबकि अधिकांश दोहे जनसामान्य की पहुँच से लगभग बाहर रहे हैं।
संगीत-साधना के चार दशकों से अधिक के अनुभव से समृद्ध आर.डी. कैले ने 84 अंगों में विभाजित प्रामाणिक ग्रंथ “कबीर साखी” से सभी 3,404 दोहों का संकलन कर उनका सस्वर प्रस्तुतीकरण करने का दुर्लभ एवं महत्त्वपूर्ण कार्य संपन्न किया है। पूर्णतः स्व-वित्तपोषित यह परियोजना कबीर साहिब के दोहों की अब तक की सर्वाधिक व्यापक एवं समग्र संगीतात्मक प्रस्तुतियों में से एक मानी जा रही है।
लगभग 30 घंटे की इस विशाल संगीत-श्रृंखला के निर्माण में अत्यंत सूक्ष्म योजना, अनवरत परिश्रम एवं उत्कृष्ट कलात्मकता का परिचय दिया गया है। सबसे बड़ी चुनौती प्रत्येक दोहे की मौलिकता, भाव-गंभीरता एवं प्रभावशीलता को अक्षुण्ण रखते हुए संगीत में नवीनता और श्रोताओं की निरंतर रुचि बनाए रखना था। साथ ही, प्रत्येक दोहे के शुद्ध एवं पूर्ण समावेश का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे किसी प्रकार की त्रुटि अथवा विलोपन न हो।
संगीत-रचना इस प्रकार की गई है कि प्रत्येक नौ दोहों का एक समूह बनाया गया है तथा प्रत्येक दोहे को मूल भाव सुरक्षित रखते हुए भिन्न-भिन्न मधुर संगीतात्मक रंग प्रदान किया गया है। इस परियोजना का संगीत-संयोजन अनुभवी संगीतकार गुरविन्दर सिंह लवली ने किया है, जबकि ध्वनि-अभिलेखन, वॉइस डबिंग, मिक्सिंग एवं मास्टरिंग का कार्य मुंबई स्थित प्रसिद्ध ए.बी. साउंड स्टूडियो में ध्वनि अभियंता अरविन्द विश्वकर्मा के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।
सम्पूर्ण परियोजना को अध्यायानुसार विभिन्न एल्बमों में व्यवस्थित किया गया है। जिन अध्यायों में दोहों की संख्या नौ से पूर्णतः विभाजित नहीं होती थी, वहाँ शेष दोहों को भी सुनियोजित ढंग से संयोजित कर प्रस्तुति की निरंतरता एवं गुणवत्ता बनाए रखी गई है।
सद्गुरु कबीर साहिब जी के 628वें प्रकट दिवस, 29 जून 2026 से आर.डी. कैले के यूट्यूब चैनल पर लगातार 360 दिनों तक प्रतिदिन एक एल्बम प्रकाशित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक दोहे को पृथक रूप से भी अपलोड किया जाएगा। इस प्रकार कुल 3,764 अपलोड (3,404 व्यक्तिगत दोहे एवं 360 एल्बम) किए जाएंगे।
श्रोताओं की सुविधा एवं दोहों के गूढ़ अर्थ को समझने में सहायता के लिए प्रत्येक यूट्यूब प्रस्तुति के विवरण में संबंधित दोहे के हिन्दी बोल भी उपलब्ध कराए जाएंगे।”कबीर साखी” के इन 3,404 दोहों के अतिरिक्त सद्गुरु कबीर साहिब जी के 243 दोहे तथा दो श्लोक श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी संकलित हैं, जो उनकी अमर आध्यात्मिक विरासत तथा सार्वभौमिक मानवतावादी संदेश के प्रमाण हैं।
यह ऐतिहासिक संगीत-परियोजना देश-विदेश के विद्वानों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, संगीत-प्रेमियों एवं श्रद्धालुओं के लिए सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षिक तथा आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण धरोहर सिद्ध होगी। संगीत के माध्यम से भारत के महानतम संत-कवियों में से एक सद्गुरु कबीर साहिब जी की संपूर्ण काव्य-संपदा के संरक्षण एवं व्यापक प्रचार-प्रसार की दिशा में यह एक विरल एवं अविस्मरणीय योगदान है।



