news

चीनी महंगी होने से रसोई का बजट बिगड़ेगा, सरकार सभी पक्षों के सवालों का जवाब दे : राजबीर सिंह भारतीय

 

चीनी महंगी होने से रसोई का बजट बिगड़ेगा, सरकार सभी पक्षों के सवालों का जवाब दे : राजबीर सिंह भारतीय

किसान, व्यापारी, चीनी मिल और वाहन मालिक—हर वर्ग की चिंता पर सरकार स्थिति स्पष्ट करे: भारतीय

चंडीगढ़, 24 अगस्त।

 

ऑल मनीमाजरा रेजिडेंट्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन, सैक्टर-13 चंडीगढ़ के अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने चीनी की बढ़ती कीमतों, गन्ने की खेती, एथेनॉल नीति और E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल चीनी या पेट्रोल का मामला नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध आम जनता की रसोई, किसान, व्यापारी, चीनी मिलों, वाहन मालिकों और पानी से है।

राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि चीनी 70 रुपये किलो से ऊपर पहुंचना चिंता का विषय है। दशहरा और दीपावली जैसे त्योहार सामने हैं। चीनी महंगी होने से मिठाई, बेकरी और अन्य खाद्य पदार्थ भी महंगे होंगे। इसका सबसे सीधा असर घर के बजट और महिलाओं पर पड़ेगा। सरकार को पहले से बताना चाहिए कि त्योहारों के दौरान चीनी की पर्याप्त उपलब्धता और उचित कीमत कैसे सुनिश्चित की जाएगी तथा जमाखोरी पर क्या कार्रवाई होगी।

किसान पूछ रहा है—गन्ना उगाऊं तो फायदा कितना?

उन्होंने कहा कि यदि देश को एथेनॉल के लिए अधिक गन्ने की जरूरत है तो किसानों को पहले विश्वास में लेना चाहिए। किसान को गन्ने की खेती बढ़ाने के लिए बीज, खाद, पानी, डीजल, कीटनाशक, मजदूरी और कृषि मशीनरी की लागत में राहत देनी होगी। गन्ने की मिल तक ढुलाई सस्ती करनी होगी और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना होगा।

 

उन्होंने कहा कि किसान से केवल उत्पादन बढ़ाने को कहना पर्याप्त नहीं है। किसान पूछ रहा है कि गन्ने का उचित दाम कौन देगा, समय पर भुगतान कौन सुनिश्चित करेगा और यदि वह 20-25 प्रतिशत अधिक गन्ना पैदा करता है तो उसकी पूरी फसल खरीदेगा कौन? सरकारी और निजी मिलों की खरीद तथा भुगतान व्यवस्था की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

 

चीनी मिल और व्यापारी भी परेशान—चीनी कितनी, एथेनॉल कितना?

 

राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि चीनी मिल मालिकों को भी स्पष्ट नीति चाहिए कि कितना गन्ना चीनी के लिए और कितना एथेनॉल के लिए इस्तेमाल होगा। यदि एथेनॉल अधिक लाभकारी है तो घरेलू चीनी की जरूरत और कीमत कैसे नियंत्रित होगी, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चीनी महंगी होने से मिठाई, बेकरी, होटल, रेस्तरां और छोटे दुकानदारों की लागत बढ़ेगी। व्यापारी पूछ रहे हैं कि त्योहारी सीजन में पर्याप्त चीनी किस कीमत पर मिलेगी और बढ़ी हुई लागत का कितना बोझ ग्राहक पर पड़ेगा। लाखों छोटे कारोबारियों की रोजी-रोटी त्योहारों के कारोबार से जुड़ी है, इसलिए सरकार को आपूर्ति की व्यवस्था पहले से करनी चाहिए।

 

E20 पर वाहन मालिक और कंपनियां भी जवाब दें।

राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि वह E20 के खिलाफ नहीं हैं। देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एथेनॉल का उपयोग जरूरी हो सकता है, लेकिन योजना, पारदर्शिता और जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है।

 

उन्होंने कहा कि वाहन मालिकों को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि उनका वाहन किस एथेनॉल मिश्रण के लिए उपयुक्त है, पुराने वाहनों पर क्या असर पड़ेगा, माइलेज पर कितना प्रभाव पड़ेगा और तकनीकी समस्या आने पर जिम्मेदारी किसकी होगी। यह कहना सही नहीं कि हर पुराना वाहन E20 से खराब होगा, लेकिन पुराने वाहन मालिकों की चिंताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

 

उन्होंने वाहन निर्माता कंपनियों से भी स्पष्ट जानकारी देने की मांग की कि कौन-सा मॉडल E20 के लिए उपयुक्त है, पुराने मॉडलों के लिए कंपनी की सलाह क्या है और किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में ग्राहक को क्या सहायता मिलेगी। नई ईंधन नीति का पूरा आर्थिक बोझ केवल वाहन मालिक पर नहीं डाला जाना चाहिए।

 

पानी और भविष्य की चिंता—सरकार बताए पूरा रोडमैप:

 

राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि गन्ने और एथेनॉल के साथ पानी का सवाल भी बहुत गंभीर है। देश के कई हिस्सों में भूजल नीचे जा रहा है और पीने के पानी की समस्या बढ़ रही है। इसलिए सरकार को यह बताना चाहिए कि आने वाले 10-20 वर्षों में गन्ने की खेती और एथेनॉल उत्पादन के लिए पानी की व्यवस्था कैसे होगी। जल संकट वाले क्षेत्रों में वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर नीति बननी चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि सरकार को एक साथ यह जवाब देना होगा कि एथेनॉल कितना चाहिए, गन्ना कितना पैदा होगा, चीनी कितनी बनेगी, जनता की जरूरत कितनी है, किसान को क्या मिलेगा, मिलों और व्यापारियों पर क्या असर पड़ेगा, पानी कितना लगेगा और वाहन मालिकों की सुरक्षा कैसे होगी।

 

राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि “पेट्रोल में एथेनॉल भी चाहिए, लेकिन रसोई की चीनी उचित कीमत पर मिलनी चाहिए, किसान को उसकी फसल का उचित दाम मिलना चाहिए, व्यापारी का कारोबार चलना चाहिए, चीनी मिलें टिकाऊ रहनी चाहिए, वाहन मालिक सुरक्षित रहना चाहिए और देश का पानी भी बचना चाहिए। सरकार जनता के सामने आंकड़ों सहित अपनी दीर्घकालीन योजना और हर स्तर पर जवाबदेही स्पष्ट करे।”

 

 

राजबीर सिंह भारतीय

अध्यक्ष, ऑल मनीमाजरा रेजिडेंट्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन

सैक्टर-13, चंडीगढ़

Ravinder Popli

House No. 3592, Sector 35 D, Chandigarh 9988293592/9780863592

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *