गांधी के सत्य-अहिंसा और शास्त्री के ‘जय जवान-जय किसान’ के विचार आज भी देश के लिए मार्गदर्शक : राजबीर सिंह भारतीय
महात्मा गांधी भवन पहुंचकर राजबीर भारतीय ने साथियों सहित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अर्पित किए पुष्प; पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी किया नमन:


चंडीगढ़, 2 अक्टूबर 2026।

गांधी जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर ऑल इंडिया अम्बेडकर महासभा रजि., चंडीगढ़ प्रदेश के नवनियुक्त अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने अपने संगठन के साथियों के साथ महात्मा गांधी भवन पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के चरणों में पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर उनके साथ युवा नेता साहिल चांवर, समाजसेवी राज सिंह, वार्ड-4 के प्रधान पंकज ठाकुर, महिला नेत्री रफीकन साबरी , हिमांशु सैनी जी सहित अन्य साथियों ने भी महात्मा गांधी जी को नमन करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि 2 अक्टूबर भारत के इतिहास की दो महान विभूतियों—महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री—को स्मरण करने का दिन है। दोनों महापुरुषों ने अपने जीवन और कार्यों से देश को अलग-अलग क्षेत्रों में नई दिशा दी।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, स्वदेशी, स्वच्छता, सामाजिक सद्भाव और जनभागीदारी को स्वतंत्रता आंदोलन की शक्ति बनाया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि बड़े सामाजिक परिवर्तन केवल सत्ता के माध्यम से नहीं, बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी और नैतिक मूल्यों के बल पर भी संभव हैं।
राजबीर भारतीय ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रतीक थे। कठिन परिस्थितियों में उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया और ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश दिया। कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके नेतृत्व और उस दौर की कृषि नीतियों, वैज्ञानिक प्रयासों तथा किसानों की मेहनत ने भारत की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि आज देश को गांधी जी के सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता तथा शास्त्री जी की ईमानदारी, सादगी, अनुशासन और किसान-जवान के सम्मान की भावना को अपने सार्वजनिक जीवन में अपनाने की आवश्यकता है।
राजबीर भारतीय ने कहा, “महापुरुषों को केवल उनकी जयंती पर याद करना पर्याप्त नहीं है। उनके विचारों को अपने व्यवहार और सामाजिक कार्यों में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।”
उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया अम्बेडकर महासभा सामाजिक न्याय, समानता, भाईचारे और संविधान के मूल्यों को मजबूत करने के लिए निरंतर जनजागरण का कार्य करेगी।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के आदर्शों पर चलने तथा देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।
जारीकर्ता
राजबीर सिंह भारतीय


