आर्य समाज, सेक्टर-7बी में गूंजा सनातन संस्कृति और एकता का संदेश

आर्य समाज, सेक्टर-7बी में गूंजा सनातन संस्कृति और एकता का संदेश

चण्डीगढ़ : आर्य समाज, सेक्टर 7बी में आयोजित साप्ताहिक प्रवचन कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और वैदिक मूल्यों का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस अवसर पर आचार्य डॉ. जगदीश शास्त्री ने अपने ओजस्वी प्रवचन में कहा कि सनातन संस्कृति विश्व की प्राचीनतम और महान संस्कृति है, जिसने मानवता को सत्य, अहिंसा, भाईचारे और नैतिकता का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हिंदू समाज विघटन और आपसी विभाजन का शिकार हो रहा है, जिसका लाभ बाहरी शक्तियां उठाने का प्रयास कर रही हैं। ऐसी शक्तियां हिंदू समाज को आपस में लड़ाकर कमजोर करना चाहती हैं।
उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने समाज में स्वाधीनता, समानता और जागरूकता का संदेश दिया था। उन्होंने लोगों को अंधविश्वास और भेदभाव से ऊपर उठकर संगठित होने की प्रेरणा दी। आचार्य शास्त्री ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हिंदू समाज जात-पात और ऊंच-नीच की भावना को त्यागकर एकजुट हो तथा सामाजिक समरसता को मजबूत बनाए। प्रवचन से पूर्व आचार्य अमितेश शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ संपन्न कराया। यज्ञ में उपस्थित श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, समाज कल्याण और राष्ट्र की उन्नति की कामना की। कार्यक्रम के दौरान आर्य समाज के प्रधान रविंद्र तलवाड़, सचिव प्रकाश चंद्र शर्मा, मीडिया सलाहकार डॉ. विनोद शर्मा, अशोक चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



