चण्डीगढ़ बिजनेस काउंसिल ने न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी का स्वागत किया


चण्डीगढ़ : चण्डीगढ़ बिजनेस काउंसिल (सीबीसी) ने केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के श्रम विभाग के श्रम आयुक्त द्वारा यूटी में संगठित और असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन दरों में बढ़ोतरी के निर्णय का स्वागत किया है।
बढ़ी हुई न्यूनतम वेतन दरें बदलती आर्थिक परिस्थितियों के बीच श्रमिकों को राहत देने और उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

( Sanjay Pahwa). ( Ajay Gupta)
सीबीसी के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने यूटी प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी श्रमिकों के कल्याण और सम्मान को सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक एवं स्वागतयोग्य कदम है। चंडीगढ़ के विकास और प्रगति में श्रमिक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें उचित और पर्याप्त वेतन देने से न केवल उनके परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा, बल्कि इससे अधिक प्रेरित, स्थिर और उत्पादक कार्यबल तैयार करने में भी मदद मिलेगी। हम इस महत्वपूर्ण कदम के लिए श्रम विभाग और यूटी प्रशासन की सराहना करते हैं

गुप्ता ने आगे कहा कि टिकाऊ आर्थिक विकास के लिए श्रमिकों और नियोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक समुदाय अपने कार्यबल के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझता है। साथ ही, वेतन में संशोधन पारदर्शी और परामर्श आधारित व्यवस्था के माध्यम से किया जाना चाहिए, जिसमें आर्थिक परिस्थितियों और खासकर छोटे एवं मध्यम उद्यमों की व्यावसायिक स्थिरता को ध्यान में रखा जाए।

सीबीसी के महासचिव संजय पाहवा ने कहा कि वेतन में बढ़ोतरी से संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हम प्रशासन द्वारा न्यूनतम वेतन में संशोधन के निर्णय का स्वागत करते हैं। वेतन संरचना के निचले स्तर पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए उचित बढ़ोतरी भी घरेलू बजट और जीवन स्तर में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। हमारा मानना है कि बेहतर वेतन के साथ सकारात्मक कार्य वातावरण से उत्पादकता और औद्योगिक संबंधों को मजबूती मिलती है।
पाहवा ने प्रशासन, नियोक्ताओं और श्रमिकों के बीच सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों और व्यवसायों के हित एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। आर्थिक रूप से सुरक्षित और प्रेरित कार्यबल हर प्रतिष्ठान की ताकत होता है। हम प्रशासन और श्रम विभाग के साथ निरंतर संवाद की उम्मीद करते हैं, ताकि भविष्य की श्रम नीतियां संतुलित, व्यावहारिक और सभी हितधारकों के लिए लाभकारी बनी रहें।
सीबीसी ने श्रमिक कल्याण को बढ़ावा देने वाली पहलों के साथ-साथ अनुकूल कारोबारी माहौल सुनिश्चित करने के प्रयासों के प्रति अपना समर्थन दोहराया। काउंसिल ने उम्मीद जताई कि बढ़ी हुई वेतन दरों से श्रमिकों और उनके परिवारों को वास्तविक राहत मिलेगी तथा केंद्र शासित प्रदेश में आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
सीबीसी ने श्रमिकों और नियोक्ताओं के साथ-साथ यूटी प्रशासन एवं श्रम विभाग के साथ रचनात्मक सहयोग जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। काउंसिल ने कहा कि उसका उद्देश्य चंडीगढ़ में निष्पक्ष रोजगार प्रथाओं, श्रमिक कल्याण, उत्पादकता, रोजगार सृजन और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।


