मनीमाजरा सुभाष नगर और इंदिरा कॉलोनी के पार्कों में आवारा कुत्तों का कहर, बच्चे-बुजुर्ग भय के साये में; आखिर कब जागेगा प्रशासन? राजबीर सिहँ भारतीय :

मनीमाजरा सुभाष नगर और इंदिरा कॉलोनी के पार्कों में आवारा कुत्तों का कहर, बच्चे-बुजुर्ग भय के साये में; आखिर कब जागेगा प्रशासन? राजबीर सिहँ भारतीय :

चंडीगढ़, 6 जुलाई।
मनीमाजरा सेक्टर-13 चंडीगढ़ स्थित इंदिरा कॉलोनी एवं सुभाष नगर शिवालिक गार्डन के पार्कों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पार्कों में सुबह-शाम सैर करने वाले बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और छोटे बच्चों के अभिभावक भय के माहौल में पार्कों का उपयोग करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब पार्क मनोरंजन और स्वास्थ्य का केंद्र नहीं, बल्कि डर का कारण बन गए हैं।
इस गंभीर समस्या को लेकर मनीमाजरा ईडब्ल्यूएस रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम सुंदर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं समाजसेवी राजबीर सिंह भारतीय तथा चेयरमैन सुभाष धीमान ने संयुक्त रूप से प्रशासन और नगर निगम के पशु विभाग से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
अध्यक्ष श्याम सुंदर ने कहा कि पार्कों में बच्चों के झूले, खेल उपकरण और ओपन जिम पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। छोटे बच्चे डर के कारण खेल नहीं पा रहे हैं और बुजुर्ग भी सुबह-शाम की सैर करते समय असुरक्षित महसूस करते हैं। पार्कों का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, लेकिन आज स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत हो चुकी है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि नगर निगम और पशु विभाग को कई बार इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। यदि आवारा कुत्तों का नियमित टीकाकरण और नियंत्रण संभव नहीं है, तो उनके लिए डॉग शेल्टर होम बनाए जाएं तथा आबादी वाले पार्कों से उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है, लेकिन दुर्भाग्य से इस ओर गंभीरता दिखाई नहीं दे रही।
चेयरमैन सुभाष धीमान ने कहा कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए और कोई बच्चा, महिला या बुजुर्ग आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम और संबंधित पशु विभाग की होगी। प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए।
इंदिरा कॉलोनी और सुभाष नगर के अनेक गणमान्य महिला-पुरुषों तथा नियमित रूप से पार्कों में सैर करने वाले नागरिकों ने भी रोष व्यक्त करते हुए कहा कि आखिर वे अपने बच्चों को कहां खेलाएं और बुजुर्ग सुरक्षित माहौल में कहां टहलें? लोगों ने कहा कि पार्कों में कुत्तों के झुंड के कारण हर समय डर बना रहता है और कई परिवारों ने बच्चों को पार्क भेजना ही बंद कर दिया है।
जनता के प्रशासन से सीधे सवाल:
क्या नगर निगम किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
आखिर बच्चों को बिना डर के खेलने का अधिकार कब मिलेगा?
बुजुर्ग और महिलाएं सुरक्षित वातावरण में सैर कब कर पाएंगे?
पशु विभाग नियमित टीकाकरण और नसबंदी अभियान को प्रभावी ढंग से क्यों नहीं चला रहा?
शहर के पार्क नागरिकों के लिए हैं या आवारा कुत्तों के कब्जे के लिए?
डॉग शेल्टर होम बनाने और आवारा कुत्तों के वैज्ञानिक प्रबंधन की योजना कब लागू होगी?
एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि मनीमाजरा के सभी पार्कों का तत्काल सर्वे कराया जाए, आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, नियमित टीकाकरण एवं नसबंदी सुनिश्चित की जाए तथा डॉग शेल्टर होम की व्यवस्था कर पार्कों को बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित बनाया जाए।
निवेदक:श्याम सुंदर – अध्यक्षराजबीर सिंह भारतीय – वरिष्ठ उपाध्यक्षसुभाष धीमान – चेयरमैनमनीमाजरा ईडब्ल्यूएस रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन


