नॉन-एमओयू गार्बेज कलेक्टरों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की राह पर, एमओयू प्रक्रिया को मिली मंजूरी

नॉन-एमओयू गार्बेज कलेक्टरों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की राह पर, एमओयू प्रक्रिया को मिली मंजूरी

नगर निगम से मंजूर कॉपी मिलने के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर
प्रधान धर्मबीर राणा और टीम की मेहनत लाई रंग
चण्डीगढ़ : शहर और आसपास के गांवों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का कार्य करने वाले नॉन-एमओयू गार्बेज कलेक्टरों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे गार्बेज कलेक्टरों को आखिरकार बड़ी सफलता मिली है। नगर निगम द्वारा एमओयू से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद इसकी आधिकारिक कॉपी संबंधित प्रतिनिधियों तक पहुंच गई है, जिससे कर्मचारियों में खुशी और उत्साह का माहौल है।
जानकारी के अनुसार विभिन्न गांवों में कार्यरत गार्बेज कलेक्टर लंबे समय से अपने कार्य को नियमित और व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए एमओयू की मांग कर रहे थे। इस मांग को लेकर कई बार प्रशासन और नगर निगम के समक्ष मुद्दा उठाया गया। अब नगर निगम स्तर पर प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद एमओयू प्रक्रिया को अंतिम रूप दिए जाने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।
गार्बेज कलेक्टरों के प्रतिनिधियों का कहना है कि इस उपलब्धि के पीछे संगठन की एकजुटता और निरंतर संघर्ष की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि प्रधान धर्मबीर राणा और उनकी पूरी टीम ने लगातार अधिकारियों के साथ बैठकें कर कर्मचारियों की मांगों को मजबूती से रखा। इसी का परिणाम है कि आज एमओयू प्रक्रिया आगे बढ़ सकी है।
कर्मचारियों ने कहा कि एमओयू लागू होने से न केवल उनके कार्य को संस्थागत मान्यता मिलेगी, बल्कि उनके अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इससे कार्य व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी तथा कर्मचारियों को लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता से भी राहत मिलेगी।
एमओयू से जुड़ी मंजूरी की खबर मिलते ही विभिन्न गांवों में कार्यरत गार्बेज कलेक्टरों ने खुशी जाहिर की। कई कर्मचारियों ने इसे अपने संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनके सम्मान, अधिकार और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है।
कर्मचारियों ने प्रधान धर्मबीर राणा और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन ने एकजुट रहकर लड़ाई लड़ी, जिसका सकारात्मक परिणाम आज सामने आया है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में सभी औपचारिकताएं पूरी कर एमओयू प्रक्रिया को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे सैकड़ों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
गार्बेज कलेक्टरों का मानना है कि यह उपलब्धि भविष्य में उनके हितों की रक्षा करने के साथ-साथ डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को भी अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।



