डंपिंग ग्राउंड ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए

डंपिंग ग्राउंड ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए
चण्डीगढ़ : डड्डूमाजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। डंपिंग ग्राउंड ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को समस्या से निजात दिलाने का दावा केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक जगह से कचरा हटाकर दूसरी जगह डालने का खेल वर्षों से जारी है, जिससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया से न तो बदबू कम होगी और न ही डंपिंग ग्राउंड खत्म होगा।
दयाल कृष्ण ने बताया कि पहले 31 मई 2025 तक पूरा कचरा खत्म करने का दावा किया गया था, लेकिन उसी दिन डंपिंग ग्राउंड में आग लग गई। इसके बाद जुलाई, सितंबर और नवंबर 2025 की नई डेडलाइन दी गई, जो पूरी नहीं हो सकीं। अब 30 अप्रैल 2026 तक कचरा खत्म करने की बात कही गई है, साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि यदि अप्रैल में काम पूरा नहीं हुआ तो मई के पहले सप्ताह तक इसे समाप्त कर दिया जाएगा हालांकि, जमीनी स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कचरे को बिना प्रोसेस किए ट्रकों के माध्यम से डंपिंग ग्राउंड के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में डाला जा रहा है। खास बात यह है कि जिस स्थान से पहले करीब 5 लाख मीट्रिक टन कचरा 34 करोड़ रुपये की लागत से हटाया गया था, वहीं अब दोबारा कचरे का ढेर लगाया जा रहा है।
उनके मुताबिक अब तक करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन डड्डूमाजरा कॉलोनी के लोगों को आज भी बदबू और प्रदूषण से राहत नहीं मिली है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि केवल डेडलाइन देने के बजाय ठोस और पारदर्शी कार्रवाई की जाए, ताकि इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान निकल सके।



