दरबार बाबा रहमत शाह क़ादरी जी में बड़ी धूम-धाम से मनाया गया ईद -उल-फ़ितर

दरबार बाबा रहमत शाह क़ादरी जी में बड़ी धूम-धाम से मनाया गया ईद -उल-फ़ितर
मोहाली : पूरे देश में आज ईद का त्योहार मनाया जा रहा है । ईद का त्योहार अल्लाह का शुक्र अदा करने, भाईचारे को बढ़ावा देने और जरूरतमंदों की मदद करने का सबसे खास दिन होता है । उसी कड़ी में गाँव स्यूंक, मोहाली स्थित दरबार बाबा रहमत शाह क़ादरी जी में भी ईद-उल-फ़ितर का यह पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया I हज़ारों की तादाद में दरबार पर पहुँचेI बाबा के मुरीदों ने नतमस्तक हो बाबा का आशीर्वाद लिया। दरबार के नियमानुसार गद्दीनशीन गुलाम बाबा मुन्ना शाह क़ादरी ने ईद की नमाज़ अदा कर बाबा के मुरीदों के अच्छे स्वास्थ्य और सुख-शांति के लिए दुआ माँगीं।
ईद का यह पर्व ना केवल इबादत का संदेश देता है बल्कि समाज में एकता, प्रेम और दान की भावना को भी मजबूत करता है। जकात और फितरा के माध्यम से यह त्योहार जरूरतमंदों के चेहरों पर भी मुस्कान लाने का काम करता है ।
इस दिन जकात और फितरा देने का भी विशेष महत्व है। इस्लाम में जकात को फर्ज यानी अनिवार्य दान माना गया है। यह हर उस मुस्लिम पर लागू होता है जिसके पास एक निश्चित सीमा (निसाब) से अधिक संपत्ति होती है। आमतौर पर जकात अपनी कुल बचत का 2.5 प्रतिशत दिया जाता है। यह दान साल में एक बार दिया जाता है और इसका उद्देश्य गरीबों, जरूरतमंदों और समाज के कमजोर वर्ग की मदद करना है। फितरा, जिसे सदका-ए-फित्र भी कहा जाता है, हर मुस्लिम के लिए अनिवार्य है, चाहे वह अमीर हो या गरीब, अगर वह अपनी जरूरतों से थोड़ा भी अधिक रखता है। फितरा ईद की नमाज से पहले दिया जाता है ताकि जरूरतमंद लोग भी इस त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकें।



