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एक संध्या ग़ज़ल गायकी के नाम में जगजीत सिंह-चित्रा सिंह की खूबसूरत ग़ज़लों का कार्यक्रम आयोजित  

दिल ये पागल दिल मेरा…

 

एक संध्या ग़ज़ल गायकी के नाम में जगजीत सिंह-चित्रा सिंह की खूबसूरत ग़ज़लों का कार्यक्रम आयोजित 

 

 

चण्डीगढ़ : सृजन संस्था के संस्थापक, लेखक व नाटककार, डॉ धर्म स्वरूप गुप्त की 14वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सृजन – एन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिविटी द्वारा ट्राई सिटी की युवा पीढ़ी में ग़ज़ल गायकी के प्रति रुचि उत्पन्न करने के उद्देश्य से मशहूर ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह चित्रा सिंह की खूबसूरत ग़ज़लों का कार्यक्रम आज टैगोर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में प्रस्तुत किया गया जिसमें प्रसिद्ध संगीतकार एवं संस्था के संचालक सोमेश के निर्देशन में ट्राई सिटी के युवा कलाकारों ने ग़ज़ल गायकी की प्रस्तुति दी। सोमेश के मुताबिक सृजन संस्था का हमेशा प्रयास रहा है कि शहर की युवा प्रतिभाओं की प्रतिभा को निखार कर समाज के सामने लाया जाए। उसी सिलसिले की ये ग़ज़ल गायकी संध्या भी एक कड़ी थी

 

गायक कलाकारों ने मशहूर ग़ज़ल गायक जोड़ी जगजीत सिंह और चित्रा सिंह की शानदार ग़ज़लों को गा कर शाम का माहौल ग़ज़लमय कर दिया।

इस शानदार साहित्यिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एच आर संरगल ( आईएएएस, रिटायर्ड ), गैस्ट आफ ऑनर श्रीमती निर्मल सूद और मुनेश्वर जैन थे।

श्रीमती निर्मल सूद ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया।

विभिन्न कलाकारों द्वारा अपनी अपनी शानदार प्रस्तुति दी गयी जिनमें गीता शर्मा एवं सोमेश द्वारा ये तेरा घर ये मेरा घर, सोमेश द्वारा ये दिल ये पागल दिल मेरा, कुशिका एवं सोमेश द्वारा धड़कनों में अजीब दलदल है, नेहा राज वसन एवं सोमेश द्वारा हंस के बोला करो, सोमेश द्वारा कल चोहदवीं की रात थी आदि ग़ज़लों को गए कर श्रोताओं को वह वह करने पर मजबूर कर दिया।

सुप्रिया, पल्लवी व साहिब नूर आदि ने भी ग़ज़ल गायन किया। मंच का शानदार और सफल संचालन उमा उझावन द्वारा किया गया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया।

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