चण्डीगढ़ नगर निगम का बजट शब्दों की योजना मात्र, कार्यवाही का अभाव : सीफोरवो

चण्डीगढ़ नगर निगम का बजट शब्दों की योजना मात्र, कार्यवाही का अभाव : सीफोरवो
चण्डीगढ़ : सिटी फोरम ऑफ रेजिडेंट्स वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन (सीफोरवो) के संयोजक विनोद वशिष्ठ वर्ष 2026-27 के लिए चंडीगढ़ नगर निगम का 1712 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है, जिसमें लगभग 400 करोड़ रुपये का उल्लेखनीय घाटा है, क्योंकि कुल अनुमानित आय (अनुदानों सहित) लगभग 1,311 करोड़ रुपये ही है। इसमें यूटी प्रशासन से प्राप्त अनुदान-सहायता पर काफी निर्भरता दिखाई देती है। सामान्यतः स्थानीय निकायों को उनके अनुदान राज्य सरकारों या संबंधित केंद्र शासित प्रदेशों के बजट से प्राप्त होते हैं। उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ प्रशासन का स्वयं का बजट पिछले तीन वर्षों से गिरावट पर है।
पिछले दो दशकों में पहली बार चंडीगढ़ (यूटी) ने वर्ष 2026-27 के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में -7.55% की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों में 2024-25 के वास्तविक आंकड़ों की तुलना में -4.83% की नकारात्मक वृद्धि देखी गई। इसी प्रकार 2024-25 में 2023-24 के वसूली-शुद्ध वास्तविक बजट की तुलना में 0.22% की गिरावट दर्ज की गई।
शहर की जमीनी वास्तविकताएं वर्ष दर वर्ष कमजोर होती जा रही हैं और केवल अनुदानों पर निर्भर रहना या निवासियों पर करों में लगातार वृद्धि करना पर्याप्त नहीं है। नगर निगम के अधिकार-क्षेत्र की शक्तियों का पुनर्गठन करने, उसमें अधिक विषय जोड़ने तथा मेयर के प्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता है। हम राजस्व बढ़ाने के लिए नगर आयुक्त अमित कुमार के अच्छे और समन्वित प्रयासों की सराहना करते हैं।



