विश्व पर्यावरण दिवस पर नाटक पर्यावरण का विनाश का मंचन

विश्व पर्यावरण दिवस पर नाटक पर्यावरण का विनाश का मंचन
चण्डीगढ़ : थियेटर आर्ट्स चंडीगढ़ के कलाकारों की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या के उपलक्ष्य पर सैक्टर 17 प्लाजा में नाटक पर्यावरण का विनाश का सफल मंचन किया गया। इस नाटक का लेखन व निर्देशन राजीव मेहता द्वारा प्रदान किया गया। पिछले 27 वर्षो से थियेटर आर्टस चंडीगढ़ के कलाकार नाटक द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं और लोगों को तेजी से फैलते प्रदूषण के खतरों से सचेत करने के लिए एक सफल कोशिश करते हैं।
नाटक में दिखाया गया किस प्रकार स्वर्गलोक तथा यमलोक में एक दिन विपत्तिजनक स्थिति उत्पन्न हो जाती है जिसे देखकर यमलोक के राजा यमराज और चित्रगुप्त परेशान हो जाते हैं। मृत्युलोक से अचानक सैकड़ों और हजारों की तादाद मे फैले प्रदूषण के कारण मरना शुरू हो जाते हैं। चित्रगुप्त उनके कर्मों का खाता लिखते-लिखते बुरी तरह थक चुके हैं कि अचानक मृत्युदूत उन्हें खबर देते हैं कि महाराज धरती में जहरीली गैस लीक होने के कारण हजारों लोग एक साथ मर गए हैं और उनकी आत्माएं यमलोक के द्वारा पर दस्तक दे रही हैं। यमराज यह सब देखकर परेशान हो उठते है और चित्रगुप्त के साथ फौरन अपने वाहन से मृत्युलोक की तरफ कूच करते हैं। यमराज जब हिमालय की वादियों में पहुंचते हैं तो उन्हे देखकर घोर आश्चर्य होता है कि सारे पहाड़ और हरे-भरे जंगल काट दिए गए हैं और उनकी जगह बड़े बड़े होटल और इमारतें खड़ी हो गई हैं। फिर भारतवर्ष की राजधानी दिल्ली पहुंचते हैं वहां की भयंकर गर्मी के कारण यमराज का शरीर जल उठता है तो चित्रगुप्त जी उन्हें बताते हैं कि यह सब प्रदूषण के कारण ओजोन लेयर में बड़े बडे छेद होने के कारण हुआ हैं। महाराज गर्मी से निजात पाने के लिए यमुना में स्नान करने के लिए जाते हैं तो वहां फैले गंदगी और कीचड़ के कारण क्रोधित हो जाते है और लोगा को नदियों को साफ रखने का महत्व समझाते हैं।

अंत में वे धरती के बच्चों से मिलने उनके घर जाते है तो देखते है कि मां बाप अपने बच्चों को खाने में पास्ता, न्यूडल्स, बर्गर पिज्जा जैसी हानिकारक खाने की चीजें प्लास्टिक के टिफ़िन में देकर स्कूल भेज रहे है और बच्चे पानी भी प्लास्टिक की बोतलों में पी रहे हैं जिससे उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।महाराज यह देखकर क्रोधित हो जाते है और सबको यह समझाते है कि प्लास्टिक और पॉलीथीन का कभी भी खानें की चीजों में प्रयोग न करें क्योंकि ये एक ऐसे खतरनाक हथियार है,जिनका अंत करने का उपाय उनके पास भी नहीं है
महाराज ने दर्शकों को पौधे बांटे और लोगों को अपने अपने घरों में पौधे लगाने को कहा जिससे उन्हे ताजी ऑक्सीजन मिल सके और और पर्यावरण हमेशा हरा-भरा और स्वच्छ रह सके।
नाटक में मुख्य भूमिकाओं में राजीव मेहता, योगेश अरोड़ा, भूपिंदर सिंह संधू, आशा सकलानी, राहुल वर्मा, हरपरीत सिंह, संदीप, औरव अरोड़ा, साहिल अरोड़ा और अवदेश कुमार ने नि
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