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भले ही हम अपने घरों को पाँच सितारा होटल जैसी सुविधाओं से सुसज्जित करें, लेकिन घर का वातावरण मंदिर जैसा होना चाहिए : मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज

भले ही हम अपने घरों को पाँच सितारा होटल जैसी सुविधाओं से सुसज्जित करें, लेकिन घर का वातावरण मंदिर जैसा होना चाहिए : मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज

चण्डीगढ़ : अहिंसा चैरिटेबल सेवा समिति, चण्डीगढ़ के तत्वावधान में आज श्री णमोकार महामंत्र पाठ का भव्य आयोजन परम पूज्य गणाचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य, क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने सहपरिवार उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम का सौजन्य दिनेश जैन एवं स्वाति जैन की ओर से किया गया।

 

अपने ओजस्वी प्रवचन में मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने कहा कि आज के आधुनिक युग में भले ही हम अपने घरों को पाँच सितारा होटल जैसी सुविधाओं से सुसज्जित करें, लेकिन घर का वातावरण मंदिर जैसा होना चाहिए, जहाँ परिवार एक साथ बैठकर भजन और भोजन कर सके। उन्होंने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में भी प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट निकाल सकता है, 5 मिनट सोने से पहले और 5 मिनट उठते ही, जिसमें पूरा परिवार एक साथ णमोकार मंत्र का जाप करे। इससे मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं पारिवारिक एकता का विकास होता है।

 

इस अवसर पर समाज रत्न नवरत्न जैन ने जानकारी दी कि 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विशाल इक्षु रस भंडारा का आयोजन इस वर्ष 14 स्थानों पर किया जा रहा है, जिसमें मुख्य आयोजन श्री दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर 27 में होगा।

 

समिति के वरिष्ठ मार्गदर्शक राजेंद्र प्रसाद (डीएमसी) ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से आग्रह किया कि वे इस पुण्य अवसर पर बढ़-चढ़कर सहभागिता करें और पूरे हृदय से इस सेवा कार्य का हिस्सा बनें।

 

अहिंसा चैरिटेबल सेवा समिति के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र जैन अमरावती ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक एवं सेवा कार्यों में सहभागिता हेतु आमंत्रित किया।

Ravinder Popli

House No. 3592, Sector 35 D, Chandigarh 9988293592/9780863592

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