news

पंजाबी फिल्म टेलीविजन एक्टर्स एसोसिएशन ने मनाया स्थापना दिवस

पंजाबी फिल्म टेलीविजन एक्टर्स एसोसिएशन ने मनाया स्थापना दिवस

पफटा का स्थापना दिवस, सेमिनार, संगीत, सम्मान समारोह पर आधारित— मलकीत रौनी- कलाकार

 

चण्डीगढ़ : पंजाबी फिल्म एंड

टेलीविजन एक्टर्स एसोसिएशन (पीएफटीएए) द्वारा स्थापना दिवस का आयोजन किया गया

जिसमें चण्डीगढ़ व पंजाब के अन्य स्थानों से लगभग 175 कलाकारों और ऐसोसिएशन के सदस्यों ने उपस्थिति दी। कलाकार मलकीत रौनी ने मंच का संचालन करते हुए पीएफटीएए की बीते वर्षों की उपलब्धिया गिनाई। पीएफटीएए के स्थापना दिवस पर सेमिनार, गीत-संगीत व सम्मान समारोह आदि का आयोजन हुआ।

 

सेमिनार में डॉ. कुलदीप सिंह (रिसर्च फैकल्टी,आईडीसी)

प्रो. अनुपमा (पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला), दीपक शर्मा चनारथल (अध्यक्ष, पंजाबी लेखक संघ, चंडीगढ़) आदि ने विचार रखे।

डॉक्टर कुलदीप सिंह ने बतलाया कि संगठन एक सामाजिक संबंध बनाते हैं। जब बच्चा इस धरती में पैदा होता है तो उसमें 25 ग्लोरियस ह्यूमन सेंसेज होती है। तुम मुझको देख रहे हो, मैं तुमको देख रहा हूं। यह फिजिकल सेंसज होती है। किसी को आर्ट की, म्यूजिक की, शायरी की, नाचने की, गाने की। ये सब ग्लोरियस ह्यूमन सेंसेस होती है। आहिस्ता-आहिस्ता यह डवेलप होना शुरु हो जाती है और मौका मिलते ही जो कोई आर्टिस्ट है, वह आर्टिस्ट बन जाता है, जो सिंगर है, वो सिंगर, जो लेखक है, वो लेखक और जो पेंटर वो पेंटर बन जाता है।

प्रोफेसर अनुपमा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बतलाया कि संगठन में हो तो आपको अकेले लड़ने की जरूरत नहीं। यह पावर इक्वेशन का काम करती है। यह मापदंड सेट करती है। कई बार किसी को काम करने के बाद पेमेंट नहीं मिलती। एसोसिएशन रूल सेट करती है जिसके जरिए मुआवजा आपको मिल सकता है।

दीपक शर्मा ने भी पंचतंत्र की कहानियों के जरिए संगठन की ताकत की व्याख्या की।

इस अवसर पर पंजाबी सिनेमा से जुड़े कैमरामैन अरुणदीप तेजी, मेकअपमैन जस्सी,

राइटर जीवन, को-डायरेक्टर यूनी, आर्ट डायरेक्टर रोमी व स्टूडियो रिकॉर्डर रविंदर राय नागरा को पफटा का स्मृति चिन्ह और शाल देकर सम्मानित किया गया।

 

गीत-संगीतके कार्यक्रम के दौरान सिकंदर सलीम ने चांदनी रात नूँ, नाम लिखया तेरा, मैं कवि हो गया, जगदीश पापरा ने ‘एदे खेता विच हरियाली है, एह भुखया दी रखवाली है, हिंदू-मुस्लिम-सिख भारांवाँ दी एह धरती,पंज दरियांवाँ दी की पेशकश की।

बी.एन. शर्मा ने आखिर में आए हुए सभी मेहमानों का धन्यवाद किया और कहा कि मैं सोचता हूं कि गठित होने का मतलब है संगठित होना। आपस में जुड़ने का ही मतलब है संगठन।

 

इस अवसर पर अन्य जाने-माने कलाकार जो मौजूद थे उनमें सुनीता धीर, नवदीप गिल, गुरप्रीत भंगू, रुपिंदर रूपी, शिवेंद्र महल, बी. बी वर्मा, प्रकाश गादू, बनिंदर बन्नी, दीदार गिल, विनोद शर्मा, हरजीत वालीया,पूनम सूद, अकक्षिता, तरसेम पाल, आशीष, दुग्गल और विमल त्रिखा, प्रेसिडेंट सीनियर सिटीजन सिंगर एंड आर्टिस्ट्स एसोसिएशन आदि

भी मौजूद रहे।

Ravinder Popli

House No. 3592, Sector 35 D, Chandigarh 9988293592/9780863592

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *