चंडीगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने और धमकी देने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार


पुनीत महाजन
चंडीगढ़, 23 अक्टूबर 2026
चंडीगढ़ पुलिस ने 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने, धमकी देने और आपराधिक साजिश रचने के एक गंभीर मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अमरदीप सिंह (30), पुत्र हरजिंदर सिंह, निवासी तरनतारन, पंजाब और बंटी उर्फ सन्नी (20), पुत्र दलजीत सिंह, निवासी गांव बिल्लो, जिला नवांशहर, पंजाब के रूप में हुई है।


पुलिस के अनुसार, यह मामला थाना सेक्टर-19 में दर्ज एफआईआर नंबर 55, दिनांक 14 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(4) और 54 के अंतर्गत दर्ज किया गया था। मामला सेक्टर-19 क्षेत्र में रहने वाले एक बिल्डर को धमकी भरे कॉल और संदेश भेजकर 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने से संबंधित है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल नेटवर्क और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया गया और विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

फर्जी दस्तावेजों से सिम कार्ड हासिल करने का आरोप
जांच में सामने आया कि आरोपी अमरदीप सिंह पर कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से सिम कार्ड हासिल करने में शामिल होने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, इसके लिए आधार कार्ड सहित अन्य पहचान संबंधी दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। इन सिम कार्डों को बाद में धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
वहीं, दूसरे आरोपी बंटी पर गैंगस्टरों के संपर्क में रहने और उनके साथ मिलकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने का संदेह है। पुलिस जांच के अनुसार, बिल्डर से फिरौती की मांग की गई और भुगतान नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय नंबर के माध्यम से भी धमकी भरा वॉयस मैसेज भेजा गया था।
हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान संभावित हथियार की आपूर्ति और बिल्डर को निशाना बनाने की साजिश से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, आरोपी बंटी की निशानदेही पर एक देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस रिमांड के दौरान धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए दोनों सिम कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
पुलिस अब मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करने, हथियार के स्रोत का पता लगाने तथा पूरी आपराधिक साजिश की कड़ियां जोड़ने के लिए आगे की जांच कर रही है। आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की पुलिस रिमांड मांगे जाने की प्रक्रिया भी की जाएगी।
चंडीगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध, फिरौती, आपराधिक धमकी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। मामले की जांच अभी जारी है।