एम-टू-एम नवाचार केंद्र स्थापित करने हेतु गुरु नानक ग्लोबल फाउंडेशन और लैमरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी के बीच हुआ एमओयू, सेमीकंडक्टर और हाई-टेक क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा

एम-टू-एम नवाचार केंद्र स्थापित करने हेतु गुरु नानक ग्लोबल फाउंडेशन और लैमरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी के बीच हुआ एमओयू, सेमीकंडक्टर और हाई-टेक क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा

विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और उद्योगों के लिए बनेगा विश्वस्तरीय प्रोटोटाइप और कौशल विकास मंच
चण्डीगढ़ : गुरु नानक ग्लोबल फाउंडेशन और लैमरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी द्वारा पंजाब में “माइंड टू मार्केट” (एम-टू-एम) नवाचार, प्रोटोटाइप और कौशल विकास केंद्र स्थापित करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए गुरु नानक देव ग्लोबल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन एवं चांसलर बलजीत सिंह ने बताया कि यह परियोजना पंजाब को सेमीकंडक्टर तकनीक, उच्च स्तरीय विनिर्माण, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में देश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस नए प्रोजेक्ट के तहत पंजाब में एक केंद्रीय और आधुनिक कैंपस विकसित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा तकनीकी क्षेत्र के पेशेवरों को अपने विचारों को प्रायोगिक मॉडल और बाजार के लिए तैयार उत्पादों में बदलने हेतु आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत अत्याधुनिक क्लीन रूम, सेमीकंडक्टर प्रोसेसिंग प्रयोगशालाएं, पैकेजिंग एवं असेंबली सुविधाएं, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड डिजाइन एवं निर्माण प्रयोगशालाएं तथा संपूर्ण तकनीकी परीक्षण और एकीकरण के लिए विशेष बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।
बलजीत सिंह ने बताया कि समझौते के अनुसार लैमरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी इस परियोजना के लिए कम से कम पांच एकड़ भूमि उपलब्ध करवाएगी, जबकि गुरु नानक ग्लोबल फाउंडेशन तकनीकी विकास, संचालन योजना, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, पाठ्यक्रम निर्माण और औद्योगिक साझेदारी की जिम्मेदारी संभालेगी।
उन्होंने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से हर वर्ष 250 से अधिक विद्यार्थियों को सेमीकंडक्टर डिजाइन और निर्माण क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 2500 से अधिक पेशेवरों को हाई-टेक क्षेत्रों में नई दक्षताओं से लैस किया जाएगा। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, एम्बेडेड सिस्टम्स और उच्च स्तरीय विनिर्माण क्षेत्रों में शिक्षा एवं उद्योग जगत के बीच सहयोग को भी मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि “माइंड टू मार्केट केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, उद्योग, नवाचार और व्यावसायिक विकास को जोड़ने वाला एक परिवर्तनकारी मंच है। पंजाब के पास वह क्षमता और औद्योगिक सामर्थ्य मौजूद है, जो उसे वैश्विक स्तर के हाई-टेक केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है।”
उन्होंने कहा कि यह पहल पंजाब के लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए भी नई संभावनाएं पैदा करेगी, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रिसिजन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, स्मार्ट सिस्टम्स और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में। यह परियोजना पंजाब के औद्योगिक और तकनीकी विकास में एक नए अध्याय के रूप में उभरने की संभावना रखती है।



