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आरसी ट्रांसफर की नई पॉलिसी पर ऑल इंडिया कार डीलर्स एसोसिएशन, चण्डीगढ़ ने जताई आपत्ति, पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग

आरसी ट्रांसफर की नई पॉलिसी पर ऑल इंडिया कार डीलर्स एसोसिएशन, चण्डीगढ़ ने जताई आपत्ति, पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग

चण्डीगढ़ : पंजाब सरकार द्वारा आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) ट्रांसफर प्रक्रिया में किए गए नए बदलावों का ऑल इंडिया कार डीलर्स एसोसिएशन, चण्डीगढ़ ने विरोध किया है। एसोसिएशन ने मोहाली की डिप्टी कमिश्नर डॉ. अंकिता कांसल के माध्यम से पंजाब सरकार को एक मांग-पत्र सौंपकर नई व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और पुरानी, सरल प्रक्रिया को बहाल करने की मांग की है।

एसोसिएशन के प्रतिनिधि ज्ञानेश्वर जैन (शैंकी) ने बताया कि पिछले लगभग 30 वर्षों से पंजाब के विभिन्न जिलों में कारों के खरीद-फरोख्त के व्यवसाय से जुड़े कारोबारी सरकार के सभी नियमों का पालन करते हुए अपना कारोबार चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से वाहन लाकर पंजाब में नियमानुसार टैक्स और अन्य शुल्क जमा किए जाते हैं, जिससे राज्य सरकार के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।

मांग-पत्र में कहा गया है कि परिवहन विभाग द्वारा आरसी ट्रांसफर प्रक्रिया को एक चरण के बजाय तीन अलग-अलग चरणों में विभाजित करने से आम उपभोक्ताओं और वाहन कारोबारियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। एसोसिएशन के अनुसार, नई व्यवस्था के कारण दस्तावेज़ बार-बार जमा करने पड़ेंगे, समय और खर्च बढ़ेगा तथा पहले से लंबित आरसी ट्रांसफर मामलों में और अधिक देरी होने की आशंका है।

कार डीलर्स का कहना है कि नई प्रक्रिया में लोन हटाने, आरसी ट्रांसफर और पुनः लोन दर्ज कराने की प्रक्रिया अलग-अलग होने से एक मामले के निपटारे में छह महीने या उससे अधिक समय लग सकता है। इससे बैंक और वित्तीय संस्थान पुरानी गाड़ियों पर ऋण देने में हिचकिचा सकते हैं, जिसका सीधा असर यूज़्ड कार बाजार पर पड़ेगा।

एसोसिएशन ने यह भी दावा किया कि पंजाब में लगभग 80 प्रतिशत नई और पुरानी गाड़ियों की खरीद फाइनेंस के माध्यम से होती है। ऐसे में यदि ऋण प्रक्रिया प्रभावित हुई तो इससे पूरे राज्य में यूज़्ड कार कारोबार और उससे जुड़े लाखों लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी तथा भ्रष्टाचार की संभावना भी बढ़ सकती है।

मांग-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि नई व्यवस्था से सरकारी खर्च में भी वृद्धि होगी, क्योंकि पहले एक आरसी केवल एक बार प्रिंट होती थी, जबकि अब एक ही वाहन के लिए तीन बार आरसी और तीन स्मार्ट कार्ड जारी करने पड़ सकते हैं।

एसोसिएशन ने पंजाब सरकार से आरसी ट्रांसफर प्रक्रिया में किए गए नए बदलावों पर तत्काल पुनर्विचार करने, पूर्व की एक-चरणीय सरल व्यवस्था को बहाल करने तथा उपभोक्ताओं और वाहन कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी एवं व्यावहारिक प्रणाली लागू करने की मांग की है।

 

 

Ravinder Popli

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