जातिगत जनगणना में जाति के कॉलम में केवल ‘राजपूत’ लिखें समाज के लोग : समस्त राजपूत प्रतिनिधि सभा
सभा की कार्यकारिणी बैठक में तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित; परिसीमन में अनुसूचित जाति एवं महिला आरक्षण की सीटें रोटेशन के आधार पर निर्धारित करने की मांग

डॉ. विजय सिंह नंबरदार नियुक्त किए गए हरियाणा प्रदेश कोऑर्डिनेटर, तीन राज्यों में जनजागृति अभियान चलाने का निर्णय


(पुनीत महाजन)
नयागांव (चंडीगढ़)। 1 नवंबर
समस्त राजपूत प्रतिनिधि सभा की कार्यकारिणी बैठक स्थानीय लाइम वुड होटल में राव नरेश चौहान ‘राष्ट्रपूत’ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में हरियाणा राज्य एवं चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश की हीरक जयंती के अवसर पर क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। इस दौरान समाज और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हुए सर्वसम्मति से तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
जातिगत जनगणना में केवल राजपूत लिखने की अपील
बैठक में पारित पहले प्रस्ताव के तहत प्रस्तावित जातिगत जनगणना में राजपूत समाज के सभी लोगों से जाति के कॉलम में केवल ‘राजपूत’ लिखने की अपील की गई। सभा ने अन्य समाजों के उन लोगों से भी आग्रह किया, जो अपनी जाति के साथ राजपूत शब्द का प्रयोग करते हैं, कि वे जनगणना में अपनी मूल जाति का नाम ही दर्ज करवाएं, ताकि उन्हें मिलने वाले सरकारी आरक्षण के लाभ पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े। इसके साथ ही किन्हीं परिस्थितियों में धर्म अथवा पंथ परिवर्तन करने वाले राजपूत मूल के लोगों से भी जाति के कॉलम में ‘राजपूत’ लिखने का आग्रह किया गया।

आरक्षित सीटों का निर्धारण रोटेशन प्रणाली से करने की मांग
दूसरे प्रस्ताव में प्रस्तावित नए परिसीमन के तहत विधानसभा और लोकसभा में अनुसूचित जाति एवं महिला वर्ग के लिए आरक्षित की जाने वाली सीटों का निर्धारण रोटेशन प्रणाली के आधार पर करने की मांग उठाई गई।
सभा का कहना था कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-D और 243-T के तहत पंचायतों एवं स्थानीय निकायों में आरक्षण का प्रावधान रोटेशन के आधार पर किया जाता है, जबकि लोकसभा और विधानसभा की आरक्षित सीटों के निर्धारण के लिए संविधान के अनुच्छेद 330 और 332 में जनसंख्या के आधार को प्रमुखता दी गई है। सभा ने इस व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता बताते हुए कहा कि रोटेशन प्रणाली लागू होने से आरक्षण का लाभ अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंच सकेगा। बैठक में यह भी कहा गया कि वर्तमान व्यवस्था के कारण अनुसूचित जाति वर्ग की कुछ सीटें लंबे समय तक आरक्षित बनी रहती हैं। इसलिए इस विषय पर व्यापक विचार-विमर्श और आवश्यक पहल की जानी चाहिए।
महिला वर्ग को सशक्त और प्रशिक्षित करने पर जोर
तसरे प्रस्ताव में समाज की आधी आबादी यानी महिलाओं को प्रस्तावित महिला आरक्षण व्यवस्था के लिए सशक्त, जागरूक और प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। सभा ने महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में अधिक भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
डॉ. विजय सिंह नंबरदार को मिली नई जिम्मेदारी
बैठlक में डॉ. विजय सिंह नंबरदार को समस्त राजपूत प्रतिनिधि सभा का हरियाणा प्रदेश कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया। इसके साथ ही हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में पहले से कार्यरत जिला, प्रदेश एवं अखिल भारतीय स्तर की विभिन्न सभाओं के साथ समन्वय स्थापित कर पारित प्रस्तावों के समर्थन में जनजागृति अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में विक्रम सिंह चौहान, डॉ. विजय सिंह नंबरदार, ठाकुर जयमल सिंह, प्रदीप राणा, नरेंद्र सिंह चौहान, संजय सिंह बिष्ट, दविंदर सिंह राणा, राजबीर सिंह भदौली, रविंद्र सिंह परमार, ठाकुर रतन लाल, राहुल चौहान, मनोज पुंडीर एडवोकेट, अरुण कुमार, कपिल चौहान, रमन राजपूत, निखिल चौहान, गगनदीप राणा, आदित्य राणा और संजय राणा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।



