आईआईएसईआर मोहाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सामाजिक प्रभाव पर विशेष व्याख्यान आयोजित, प्रो. सतीश के. त्रिपाठी ने साझा किए विचार

आईआईएसईआर मोहाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सामाजिक प्रभाव पर विशेष व्याख्यान आयोजित, प्रो. सतीश के. त्रिपाठी ने साझा किए विचार

मोहाली, 29 अक्टूबर: भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर), मोहाली में आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के नवाचार, शिक्षा, अनुसंधान और समाज पर इसके प्रभावों को लेकर एक विशेष सार्वजनिक व्याख्यान आयोजित किया गया। इस व्याख्यान का विषय “कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नवाचार से जनहित तक: बफेलो विश्वविद्यालय में अनुसंधान, शिक्षा और जिम्मेदारी” रहा।


कार्यक्रम में प्रोफेसर सतीश के. त्रिपाठी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। वह अमेरिका स्थित बफेलो विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष हैं और कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता के रूप में जाने जाते हैं।
संस्थान द्वारा जारी कार्यक्रम संबंधी जानकारी के अनुसार, व्याख्यान का आयोजन आज शाम 4 बजे आईआईएसईआर मोहाली के व्याख्यान कक्ष परिसर स्थित एलएच-7 में किया गया।
कंप्यूटर विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान
प्रोफेसर सतीश के. त्रिपाठी ने कंप्यूटर विज्ञान, समानांतर एवं वितरित संगणना तथा नेटवर्क प्रणालियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कनाडा के टोरंटो विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त, उनके पास कनाडा और भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों से कंप्यूटर विज्ञान एवं सांख्यिकी में स्नातकोत्तर डिग्रियां भी हैं।
उन्होंने वर्ष 2011 से जुलाई 2026 तक बफेलो विश्वविद्यालय के 15वें अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वह विश्वविद्यालय के इतिहास में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जन्मे पहले अध्यक्ष बने। उनके कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमताओं, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग और जनहित पर दिया जोर
व्याख्यान का मुख्य विषय कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नवाचारों को जनहित से जोड़ना तथा शिक्षा एवं अनुसंधान में इसकी भूमिका को समझना रहा। इसमें एआई तकनीक के जिम्मेदार उपयोग और समाज पर इसके व्यापक प्रभावों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
प्रोफेसर त्रिपाठी वर्तमान में बफेलो विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान संकाय तथा अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज से जुड़े हुए हैं।
इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और तकनीकी क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोगों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की संभावनाओं, इसके बदलते स्वरूप और समाज के प्रति इसकी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान किया।

