डीएवी कॉलेज में पॉक्सो अधिनियम पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, बाल संरक्षण और कानूनी जिम्मेदारियों पर दिया जोर


पुनीत महाजन
चंडीगढ़, 23 अक्टूबर 2026। डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ के महिला प्रकोष्ठ की ओर से बाल संरक्षण एवं लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय अपने बच्चों की सुरक्षा, सुरक्षित भविष्य का निर्माण रहा। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल यौन शोषण के प्रति जागरूक करना तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी कानूनी और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील बनाना था।

महाविद्यालय की कार्यकारी प्राचार्या डॉ. मोना नारंग के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में शॉपिंग डेस्टिनी की संस्थापक सुश्री सुप्रीत धीमान तथा अधिवक्ता वर्तिका एच. सिंह ने मुख्य वक्ताओं के रूप में भाग लिया। दोनों वक्ताओं ने बाल संरक्षण के मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और कानूनी पहलुओं पर विस्तार से विचार साझा किए। सुप्रीत धीमान ने कहा कि भय, सामाजिक कलंक और चुप्पी के कारण बच्चे कई बार अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में बताने से हिचकिचाते हैं। उन्होंने बच्चों की बात सहानुभूतिपूर्वक सुनने, उनकी भावनाओं को समझने तथा उन्हें सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों में विश्वास पैदा करना और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना उनके संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

वहीं, अधिवक्ता सुश्री वर्तिका एच. सिंह ने पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत बच्चों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, संबंधित जिम्मेदारियों तथा बच्चों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा में कानून की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बाल संरक्षण केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना, उनकी समस्याओं को समय पर पहचानना और किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार की स्थिति में उचित कार्रवाई करना बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम का समन्वय महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका प्रो. हरप्रिया सिंह ने किया। आयोजन में समिति की सदस्य डॉ. रितिका शर्मा एवं डॉ. आशिमा ठाकुर ने भी सहयोग दिया।
इस पहल के माध्यम से महाविद्यालय ने विद्यार्थियों में कानूनी साक्षरता, सामाजिक जागरूकता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम ने बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं सहयोगपूर्ण वातावरण बनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।