सीसीईटी 26 डिप्लोमा विंग में आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण पर आयुक्त ईपीएफओ के द्वारा सख्त, कार्यावाही के लिए जारी किए नोटिस।

प्रेस नोट :
सीसीईटी 26 डिप्लोमा विंग में आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण पर आयुक्त ईपीएफओ के द्वारा सख्त, कार्यावाही के लिए जारी किए नोटिस।
चंडीगढ़ : दिनांक : 24 – 08 – 2026
चंडीगढ़ प्रशासन के चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीसीईटी) डिप्लोमा विंग, सेक्टर-26 में आउटसोर्स कर्मचारियों के हक और श्रम अधिकारों के लगातार हो रहे हनन पर कर्मचारी कल्याण के पक्ष में एक बड़ी सफलता मिली है। सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम सिंह (द वॉइस ऑफ फंडामेंटल राइट्स) द्वारा उठाई गई आवाज और लिखित शिकायतों का संज्ञान लेते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), सेक्टर-17 चंडीगढ़ ने कड़ी कार्रवाई की है।

ईपीएफओ कार्यालय ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों एम/एस स्पैरो इंडस्ट्रियल सर्विसेज और एम/एस शाइन एंड शाइन सिक्योरिटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की जा रही ईपीएफ (EPF) अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हेतु आधिकारिक पत्र जारी कर दिए हैं।
मुख्य मुद्दे और कर्मचारियों की मांगें : 23 दिनों के रोके गए वेतन का भुगतान: 11 अगस्त से 2 सितंबर 2024 के निविदा अंतराल के दौरान का 23 दिनों का बकाया वेतन कर्मचारियों को तुरंत दिया जाए। ‘कांट्रैक्ट लेबर एक्ट (CLRA) 1970’ की धारा 21(4) और चंडीगढ़ सलाहकार के आदेशानुसार, ठेकेदार के विफल रहने पर मुख्य नियोक्ता (प्रिंसिपल एम्प्लॉयर) की जिम्मेदारी है कि वह इस बकाए का भुगतान करें,
समय पर वेतन का वितरण: हर महीने की 7 से 10 तारीख के भीतर वेतन का नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए ताकि कर्मचारियों को वित्तीय संकट से न जूझना पड़े।
बकाया ईपीएफ राशि का जमा होना: पूर्व ठेकेदार (एम/एस शाइन एंड शाइन) द्वारा रोके गए ₹3600 के ईपीएफ रिफंड और वर्तमान एजेंसी (एम/एस स्पैरो) द्वारा ईपीएफ की राशि में की जा रही लापरवाही को तुरंत दूर कर कर्मचारियों के खातों में राशि जमा कराई जाए।
गैर-कानूनी निगरानी और पक्षपात पर रोक: शनिवार को बिना किसी लिखित आदेश के नियमित कर्मचारी को अनधिकृत रूप से सुपरवाइजर नियुक्त करने और कार्य आवंटन में किए जा रहे स्वार्थ व पक्षपात को तुरंत बंद किया जाए।
निष्पक्ष न्याय की दिशा में कदम : प्रशासनिक अधिकारियों और श्रम विभाग की शिथिलता के कारण लंबे समय से शोषित हो रहे अनुभवी आउटसोर्स कर्मचारियों को इस कार्रवाई से न्याय की नई उम्मीद मिली है। श्रम कानूनों, ईपीएफ एवं ईएसआई अधिनियम के अनुपालन के लिए मुख्य नियोक्ता की जवाबदेही तय करते हुए सभी लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की पुरजोर अपील की गई है।



