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साहित्यकार डॉ. प्रद्युम्न भल्ला बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं : डॉ. अनीता भारद्वाज

साहित्यकार डॉ. प्रद्युम्न भल्ला बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं : डॉ. अनीता भारद्वाज

चंडीगढ़: संवाद साहित्य मंच, चंडीगढ़ की ओर से कैथल निवासी प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. प्रद्युमन भल्ला के साहित्यिक योगदान पर गोष्ठी का आयोजन आज कम्युनिटी सेंटर सेक्टर – 43 में किया गया।

इस गोष्ठी में मुख्य अतिथि, वरिष्ठ साहित्यकार अमृत सोनी, वशिष्ठ अतिथि श्रीमती प्रेमलता, पार्षद अध्यक्षता समाज सेवी के. के. शारदा ने की। वक्ता के रूप में चरखी दादरी से प्रसिद्ध लेखिका डॉ. अनिता भारद्वाज और पंचकूला से साहित्यकार के. एल. शर्मा उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन डॉ. संगीता शर्मा कुंद्रा ‘गीत’ ने किया।

 डॉ. भल्ला के साहित्यिक अवदान पर बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार प्रेम विज ने कहा कि वह 38 वर्षों से साहित्य साधना कर 28 पुस्तकों से साहित्य को समृद्ध कर चुके हैं। मुख्य वक्ता के रूप में चरखी दादरी से पधारी प्रसिद्ध लेखिका डॉ. अनीता भारद्वाज ने कहा कि डॉ. प्रद्युमन भल्ला बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। उन्होंने साहित्य की हर विधा कविता, ग़ज़ल, दोहा, मुक्तक, लघु कथा, कहानी, नाटक, उपन्यास आदि में कलम चलाई है। वे देश-विदेश के विभिन्न साहित्यकारों से प्रभावित हुए हैं।

 

प्रसिद्ध साहित्यकार पंचकूला से आए के. एल. शर्मा ने कहा कि डॉ. भल्ला ऐसे साहित्यकार हैं, जिन्होंने एक ही समय में दो अलग-अलग भूमिकाएं, एक शिक्षक और एक लेखक के तौर पर निभाई है।

वशिष्ठ अतिथि के रूप में पार्षद प्रेमलता और अध्यक्ष के रूप में के.के. शारदा ने भी अपने विचार रखे।

 

अपनी रचना प्रक्रिया पर बोलते हुए प्रद्युम्न भल्ला ने कहा कि लघु कथा लघु पल की सच्चाई है, मगर इस का प्रभाव दीर्घ कालीन होता है। रचनाकारों को सृजन को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि कालजयी रचनाएं अपनी पहचान स्वयं होती है।

 

इस अवसर पर गणेश दत्त, आर. के. भगत, डॉ. रेखा मित्तल, राज विज, सुधा सोनी, विमला गुगलानी, प्रेम विज, डॉ. संतोष गर्ग, अनिल चिंतक, नीरू मित्तल, श्री रतन सिंह, डॉ. महावीर सिंह, डॉ. दलजीत कौर, सरवप्रिया सोनी, किरण आहूजा, डॉ. संगीता शर्मा कुंद्रा ‘गीत’ आदि ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।

Ravinder Popli

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