गुरु नानक गीता कैलाश मेमोरियल फाउंडेशन ने शुरू किया मानसून स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

गुरु नानक गीता कैलाश मेमोरियल फाउंडेशन ने शुरू किया मानसून स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
चण्डीगढ़ : गुरु नानक गीता कैलाश मेमोरियल फाउंडेशन ने मानसून के मौसम में बच्चों, श्रमिकों और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बरसात के दिनों में तेजी से फैलने वाले डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और हैजा जैसी जलजनित बीमारियों से बचाना और डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) को रोकना है।इस दौरान संस्था द्वारा जरूरतमंद बच्चों और श्रमिकों के बीच 250 छाते, 500 ओडोमॉस (मच्छर भगाने वाली क्रीम) और शुद्ध व सुरक्षित पेयजल के लिए तथा डिहाइड्रेशन से बचाव हेतु 200 पानी की बोतलें वितरित की गईं। फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने इस मौके पर लोगों को विभिन्न बीमारियों और डिहाइड्रेशन से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए।

डेंगू और मलेरिया से बचाव के उपायमच्छरदानी का प्रयोग:
सोते समय हमेशा मच्छरदानी लगाएं।
ओडोमॉस क्रीम:
मच्छरों के काटने से बचने के लिए शरीर के खुले हिस्सों पर मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम लगाएं।
पूरी आस्तीन के कपड़े:
बच्चों और खुद को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं ताकि मच्छर न काट सकें।
रुका हुआ पानी हटाएँ: ।
गमलों, कूलरों और गड्ढों में पानी जमा न होने दें, क्योंकि इनमें डेंगू के मच्छर पनपते हैं।
टाइफाइड, हैजा और डिहाइड्रेशन से बचाव-शुद्ध पानी का सेवन:
टाइफाइड और हैजा से बचने के लिए हमेशा साफ, उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पीएं।
हाइड्रेटेड रहें:
मानसून में भी शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है, इसलिए वितरित की गई पानी की बोतलों का उपयोग कर नियमित रूप से स्वच्छ पानी पीते रहें।
बासी भोजन से परहेज:
मानसून में खुला और बासी खाना खाने से बचें। हमेशा ताजा और गर्म भोजन करें।
हाथों की सफाई:
खाना खाने से पहले और शौच के बाद हाथों को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोएं।गुरु नानक गीता कैलाश मेमोरियल फाउंडेशन समाज के सबसे कमजोर तबके—विशेषकर गरीब बच्चों, दिहाड़ी मजदूरों और महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर निरंतर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था का मानना है कि सही साधनों के वितरण और जागरूकता से मानसून में होने वाली गंभीर बीमारियों और डिहाइड्रेशन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


