डॉ. मनमोहन को मिलेगा ‘भूषण ध्यानपुरी स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’

डॉ. मनमोहन को मिलेगा ‘भूषण ध्यानपुरी स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’
चण्डीगढ़ : पटियाला की स्वप्न फाउंडेशन द्वारा हर वर्ष दिए जाने वाले ‘भूषण ध्यानपुरी स्मृति वार्तक पुरस्कार’ को अब नए स्वरूप में ‘भूषण ध्यानपुरी लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ के रूप में प्रदान किया जाएगा। इस सम्मान के अंतर्गत 51 हजार रुपये की नकद राशि, दोशाला और सम्मान-चिह्न भेंट किया जाएगा। इस सम्मान की विशेषता यह होगी कि सम्मानित साहित्यकार के साहित्यिक योगदान को पूरे वर्ष विभिन्न कार्यक्रमों और चर्चाओं के माध्यम से व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

इस सम्मान का पहला पुरस्कार प्रख्यात कवि, उपन्यासकार, चिंतक और आलोचक डॉ. मनमोहन को दिया जाएगा। विभिन्न साहित्यिक विधाओं में उनकी अब तक 43 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्हें वर्ष 2013 में उपन्यास ‘निर्वाण’ के लिए भारतीय साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त पंजाबी अकादमी, दिल्ली तथा भाषा विभाग द्वारा भी उन्हें ‘शिरोमणि साहित्यकार सम्मान’ से सम्मानित किया गया है।
साहित्य के साथ-साथ संस्थागत कार्यों में भी डॉ. मनमोहन का उल्लेखनीय योगदान रहा है। वे चंडीगढ़ साहित्य अकादमी में पहले उपाध्यक्ष और बाद में अध्यक्ष रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनेक साहित्यिक आयोजनों का सफल संचालन किया तथा अकादमी के माध्यम से युवा एवं बाल सम्मान जैसी नई परंपराओं की शुरुआत की। भारतीय खुफिया ब्यूरो (आई.बी.) में स्पेशल डीजीपी के महत्वपूर्ण पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में वे भारत सरकार की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सलाहकार तथा गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में प्रोफेसर ऑफ एमिनेंस के रूप में कार्यरत हैं।
सम्मान चयन समिति में कहानीकार बलीजीत, गुल चौहान, संस्था के महासचिव एवं शायर जगदीप सिद्धू, अध्यक्ष डॉ. कुलपिंदर शर्मा तथा संस्था के संरक्षक एवं वरिष्ठ शायर सुखविंदर कंबोज ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन बहुआयामी साहित्यकार हैं। उन्होंने पंजाबी साहित्य की दिशा और दशा को नई पहचान दी है। उनका चिंतन और आलोचना संबंधी कार्य साहित्य के नए आयामों को उद्घाटित करता है। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके सम्मानित होने से इस पुरस्कार की गरिमा और संस्था दोनों का सम्मान बढ़ेगा।
प्रख्यात साहित्यकार भूपिंदर सिंह मान, संदीप जसवाल, धर्मेंद्र सेखों, सुखविंदर सिद्धू, पंजाब विश्वविद्यालय के डॉ. प्रवीण कुमार तथा सुर सांझ कला मंच के अध्यक्ष, शायर एवं वार्ताकार सुरजीत सुमन ने भी इस चयन का स्वागत करते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन का पंजाबी साहित्य में योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके सम्मानित होने से इस पुरस्कार की सार्थकता और अधिक बढ़ेगी।
यह सम्मान समारोह सितंबर के प्रथम सप्ताह में चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा।



