सीपीडीएल द्वारा कर्मचारियों से भेदभाव और स्टाफ की कमी के कारण लग रहे है शहर में बार-बार बिजली कट : जसपाल सिंह

सीपीडीएल द्वारा कर्मचारियों से भेदभाव और स्टाफ की कमी के कारण लग रहे है शहर में बार-बार बिजली कट : जसपाल सिंह

चण्डीगढ़ : गर्मी के मौसम में लगातार हो रही बिजली कटौती से शहर के लोग परेशान हैं। इस मुद्दे पर एंटी करप्शन सोसाइटी के अध्यक्ष एवं समाजसेवी जसपाल सिंह ने दावा किया है कि चंडीगढ़ में बार-बार होने वाले पावर कट के पीछे कर्मचारियों के साथ भेदभाव और विभाग में स्टाफ की कमी प्रमुख कारण हैं।
जसपाल सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ का बिजली वितरण विभाग निजी कंपनी सीपीडीएल को सौंपे जाने के बाद स्थिति में कई बदलाव आए। उनके अनुसार, विभाग में वर्षों से कार्यरत अनेक कर्मचारियों को सेवा से मुक्त कर दिया गया या उन्होंने स्वयं कार्य जारी नहीं रखा। उन्होंने कहा कि उस समय कर्मचारी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किए थे, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में विभाग में कर्मचारियों की संख्या पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। उनका कहना है कि 10 वर्ष से अधिक अनुभव रखने वाले कई लाइनमैन को पदोन्नति नहीं दी गई, जबकि नए भर्ती हुए डिग्रीधारी युवाओं को सीधे जूनियर इंजीनियर (जेई) के पद पर नियुक्त किया गया।
जसपाल सिंह ने मांग की कि अनुभवी कर्मचारियों को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर पदोन्नति दी जाए तथा विभाग में पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि यदि अनुभवी कर्मचारियों को उचित जिम्मेदारी और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाए तो शहर में बार-बार होने वाली बिजली कटौती की समस्या काफी हद तक दूर की जा सकती है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे पहली शिकायत पर ही समस्या का प्रभावी निवारण हो और उपभोक्ताओं को एक ही समस्या के लिए बार-बार शिकायत दर्ज न करानी पड़े।



