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हर संकट में राहत, हर पीड़ा में साथ, जरूरतमंदों की उम्मीद बना हरियाणा रेडक्रॉस : अंकुश मिगलानी, वाइस चेयरमैन, हरियाणा शाखा, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी 

हर संकट में राहत, हर पीड़ा में साथ, जरूरतमंदों की उम्मीद बना हरियाणा रेडक्रॉस : अंकुश मिगलानी, वाइस चेयरमैन, हरियाणा शाखा, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी

चण्डीगढ़ : विश्व रेडक्रॉस दिवस (8 मई) के अवसर पर हरियाणा शाखा भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी मानव सेवा, आपदा राहत और सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय भूमिका के कारण चर्चा में है। “मानवता में एकता” थीम के साथ कार्य कर रही हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी सात मूलभूत सिद्धांतों — मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता — के आधार पर जरूरतमंदों की सेवा में जुटी हुई है।

हरियाणा शाखा भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी ने बताया कि संस्था ने अब तक पांच हजार से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित कर लगभग 3.50 लाख यूनिट रक्त एकत्रित किया है, जिससे देशभर में हरियाणा रेडक्रॉस की अलग पहचान बनी है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस केवल आंकड़ों तक सीमित संस्था नहीं, बल्कि मानव सेवा की जीवंत मिसाल है।

उन्होंने बताया कि भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी हरियाणा शाखा के अध्यक्ष एवं हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष के मार्गदर्शन में संस्था जनसेवा और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। राज्यपाल द्वारा जिला रेडक्रॉस शाखाओं में एंबुलेंस सेवाओं के विस्तार के लिए विवेकाधीन कोष से 1.20 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया, जिससे 10 नई एंबुलेंस खरीदी गईं। इससे विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत हुई है।

अंकुश मिगलानी ने कहा कि “मानवता को जीवित रखना” केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरों के दुख को समझना और संकट के समय उनके साथ खड़ा होना ही सच्ची मानव सेवा है। इसी सोच के तहत हरियाणा रेडक्रॉस युवाओं को मानवीय कार्यों से जोड़ने के लिए “आपदा मित्र” योजना शुरू कर रहा है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।

उन्होंने बताया कि संस्था रक्तदान शिविरों, आपदा राहत कार्यों, प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों और गरीबों की सहायता जैसे अनेक कार्यों के माध्यम से समाज में इंसानियत और सहयोग की भावना को मजबूत कर रही है। इसके अलावा रेडक्रॉस नशा मुक्ति अभियान, टीबी उन्मूलन जागरूकता, वृद्धजनों के लिए ओल्ड एज होम तथा दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और उपकरण उपलब्ध कराने जैसे कार्य भी कर रहा है।

हरियाणा रेडक्रॉस की नई पहलों में जिला शाखाओं में एंबुलेंस सेवाओं की शुरुआत, आधार केंद्र सुविधा, पैथोलॉजिकल लैब स्थापित करने की योजना, जन औषधि केंद्र खोलने की तैयारी तथा राशन डिपो पर दिव्यांगजनों के लिए अलग लाइन और प्राथमिकता आधारित राशन वितरण शामिल हैं। इसके साथ ही युवाओं को राष्ट्र सेवा से जोड़ने के लिए जूनियर रेडक्रॉस (जेआरसी) और यूथ रेडक्रॉस (वाईआरसी) गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

विश्व रेडक्रॉस दिवस हर वर्ष 8 मई को रेडक्रॉस आंदोलन के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट के जन्मदिवस पर मनाया जाता है। हेनरी ड्यूनेंट के प्रयासों से वर्ष 1864 में जेनेवा समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस आंदोलन की स्थापना हुई थी। उन्हें पहला नोबेल शांति पुरस्कार भी प्रदान किया गया था। वर्तमान में दुनिया के 186 देशों में रेडक्रॉस सोसायटी कार्यरत है। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की स्थापना वर्ष 1920 में हुई थी और आज देशभर में इसकी 750 से अधिक शाखाएं सक्रिय हैं।

अंकुश मिगलानी ने कहा कि तकनीक और आधुनिकता के इस दौर में जहां लोग एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं, वहां मानवता और संवेदनशीलता को बनाए रखना पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक जितने जरूरी हैं, उतनी ही जरूरी इंसानी करुणा भी है, और यही संदेश विश्व रेडक्रॉस दिवस समाज क देता है।

Ravinder Popli

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