प्रशासन चण्डीगढ़ में व्यवसाय-अनुकूल वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है : एच राजेश प्रसाद

प्रशासन चण्डीगढ़ में व्यवसाय-अनुकूल वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है : एच राजेश प्रसाद
सीबीसी ने मुख्य सचिव को सौंपा व्यावसायिक सुधार संबंधी ज्ञापन
पुराने बिल्डिंग बायलॉज, जरूरत आधारित संरचनात्मक बदलावों पर प्रतिबंध, मिसयूज पेनल्टी और सख्त भूमि नीतियों जैसी समस्याओं से जूझ रहे व्यवसायी तबके के लिए राहत की मांग की अजय गुप्ता ने
चण्डीगढ़ : चण्डीगढ़ बिजनेस काउंसिल (सीबीसी), जो व्यापारियों, उद्यमियों और औद्योगिक हितधारकों का एक गैर-राजनीतिक प्रतिनिधि संगठन है, ने चण्डीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद (आईएएस) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर व्यापारिक समुदाय के समक्ष आ रही प्रमुख चुनौतियों को उठाया और त्वरित नीतिगत हस्तक्षेप की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में सीबीसी के अध्यक्ष अजय गुप्ता, चेयरमैन जगदीश अरोड़ा, मुख्य संरक्षक नीरज बजाज, महासचिव संजय पाहवा और पूर्व अध्यक्ष चंदर वर्मा शामिल रहे।
सीबीसी ने मुख्य सचिव के समक्ष चण्डीगढ़ के व्यापारिक इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक प्रगतिशील और सहयोगात्मक दृष्टिकोण की मांग उठाई। अजय गुप्ता ने बताया कि व्यापारी और औद्योगिक हितधारक पुराने बिल्डिंग बायलॉज, एससीएफ, एससीओ और औद्योगिक इकाइयों में जरूरत आधारित संरचनात्मक बदलावों पर प्रतिबंध, भारी दुरुपयोग (मिसयूज) पेनल्टी और सख्त भूमि नीतियों जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन कारणों से व्यवसाय मोहाली और पंचकूला जैसे पड़ोसी क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं।
सीबीसी ने कई महत्वपूर्ण सुधारों का प्रस्ताव रखा, जिनमें जरूरत के अनुसार संरचनात्मक छूट (जैसे छोटे बदलाव, मेजेनाइन फ्लोर और सेक्टर 7 से 30 के अंदरूनी बाजारों में बॉक्स-टाइप समायोजन), शेयर-वाइज प्रॉपर्टी ट्रांसफर की अनुमति और लीज होल्ड संपत्तियों को फ्री होल्ड में समयबद्ध रूप से परिवर्तित करने की व्यवस्था शामिल है। काउंसिल ने औद्योगिक नीतियों में सुधार की भी मांग की, जैसे एमएसएमई गतिविधियों का विस्तार, एफएआर में वृद्धि और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 का विकास।
इसके अलावा, सीबीसी ने अत्यधिक पेनल्टी के युक्तिकरण, पारदर्शी अनुपालन ढांचे के कार्यान्वयन, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम की शुरुआत और लंबित कर व पुराने मामलों के लिए वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लागू करने के साथ-साथ जीएसटी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग की। प्रभावी शिकायत निवारण के लिए एक समर्पित ट्रेड फैसिलिटेशन बोर्ड के गठन की भी सिफारिश की गई।
मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद (आईएएस) ने इन मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशासन चण्डीगढ़ में व्यवसाय-अनुकूल वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। व्यापारिक समुदाय द्वारा उठाई गई चिंताएं महत्वपूर्ण हैं और हम इन्हें व्यावहारिक एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए गंभीरता से परखेंगे।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रशासन इन प्रमुख मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाएगा।
सीबीसी ने दोहराया कि चंडीगढ़ का व्यापारिक क्षेत्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है और प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने तथा उद्योगों के पलायन को रोकने के लिए समय पर सुधार आवश्यक हैं।
काउंसिल ने विश्वास जताया कि मुख्य सचिव के नेतृत्व में इन लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान शीघ्र और दूरदर्शी तरीके से किया जाएगा।



