ओबीसी आरक्षण व प्रतिनिधित्व पर मंथन, प्रमुख मांगें उठीं

ओबीसी आरक्षण व प्रतिनिधित्व पर मंथन, प्रमुख मांगें उठीं
अमन आनंदराज आंबेडकर ने एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों की वर्तमान संगठनात्मक स्थिति पर चिंता व्यक्त की
चण्डीगढ़ : ओबीसी फेडरेशन (नॉर्थ ज़ोन) के अध्यक्ष बलविंदर सिंह मुल्तानी की अध्यक्षता में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण और प्रतिनिधित्व को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अमन आनंदराज आंबेडकर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में ओबीसी समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई अहम मांगें उठाई गईं। इनमें सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार चंडीगढ़ के उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी आरक्षण लागू करने व पंजाब विश्वविद्यालय में ओबीसी आरक्षण लागू करने के साथ-साथ पंजाब में ओबीसी आरक्षण को 27 प्रतिशत तक बढ़ाने, पंजाब पंचायतों में आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने, नगरपालिकाओं, जिला परिषदों और ब्लॉक समितियों में ओबीसी आरक्षण सुनिश्चित करने तथा की मांग शामिल है।
बलविंदर सिंह मुल्तानी ने बैठक के दौरान ओबीसी फेडरेशन द्वारा समुदाय के अधिकारों और प्रतिनिधित्व के लिए किए जा रहे प्रयासों और उपलब्धियों की जानकारी दी।
इस अवसर पर अमन आनंदराज आंबेडकर ने एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों की वर्तमान संगठनात्मक स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति और आरक्षण नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मजबूत नेतृत्व और व्यापक जन-संगठन की तत्काल आवश्यकता है।
बैठक में प्रोफेसर अशोक कुमार, कपूर सिंह (पूर्व एसडीएम, भारतीय बीमा निगम), डॉ. कुलविंदर सिंह, सरबजीत सिंह लहरी, रणजीत सिंह जस्सल सहित कई अन्य ओबीसी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
बैठक का समापन सामाजिक न्याय और हाशिए पर स्थित समुदायों—विशेषकर एससी, एसटी और ओबीसी—के लिए समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ हुआ।
जारीकर्ता:
बलविंदर सिंह मुल्तानी
अध्यक्ष, ओबीसी फेडरेशन



