पंजाब के डेयरी क्षेत्र को अमूल मॉडल अपनाना चाहिए: सांसद विक्रम साहनी

पंजाब के डेयरी क्षेत्र को अमूल मॉडल अपनाना चाहिए: सांसद विक्रम साहनी
चण्डीगढ़ : सीआईआई वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि पंजाब में डेयरी फार्मिंग और डेयरी सहकारिताओं की अपार संभावनाएं हैं तथा पंजाब में गुजरात के सफल अमूल मॉडल को अपनाया जाना चाहिए।
डॉ. साहनी ने खेद व्यक्त किया कि पंजाब में गायों की अधिक उत्पादकता तथा चारा और पशु आहार की पर्याप्त उपलब्धता होने के बावजूद राज्य डेयरी फार्मिंग को उस स्तर तक विकसित नहीं कर पाया है कि वह डेयरी सहकारिताओं और दूध से बने उत्पादों के उत्पादन एवं विपणन में देश का अग्रणी राज्य बन सके तथा निर्यात को भी बढ़ावा दे सके।
डॉ. साहनी ने यह भी कहा कि महिला नेतृत्व वाली सहकारिताओं, स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण उद्यमों को अधिक मजबूत संस्थागत समर्थन दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट क्षेत्र सहकारिताओं के साथ सहयोग कर ग्रामीण मांग को बढ़ाने और सामाजिक उद्यमों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।



