चंडीगढ़/30.5.2026 : विश्व तोता दिवस एवं अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर बर्ड सैंक्चुरी में द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा पर्यावरण विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से किया जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

चंडीगढ़/30.5.2026 :
विश्व तोता दिवस एवं अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर बर्ड सैंक्चुरी में द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा पर्यावरण विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से किया जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
चण्डीगढ़ : द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया (ईएसआई), चंडीगढ़ द्वारा पर्यावरण विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से सेक्टर-21 स्थित बर्ड सैंक्चुरी में विश्व तोता दिवस तथा अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के उपलक्ष्य में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बारिश के बावजूद उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनूप कुमार सोनी, वन एवं वन्यजीव संरक्षक, चंडीगढ़ प्रशासन रहे। प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए एन.के. झिंगन, सचिव, ईएसआई ने बर्ड सैंक्चुरी के ऐतिहासिक महत्व तथा तोता संरक्षण में सोसायटी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सोसायटी के सतत प्रयासों के फलस्वरूप इस क्षेत्र को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संरक्षित पक्षी अभयारण्य का दर्जा प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि ईएसआई संभवतः देश की एकमात्र संस्था है जो नियमित रूप से विश्व तोता दिवस का आयोजन कर रही है तथा वर्ष 2026 में अपनी स्वर्ण जयंती मना रही है।
सुश्री अंजलि कपूर, सेवानिवृत्त उप-प्रधानाचार्या एवं सोसायटी की सक्रिय सदस्य ने विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के महत्व से अवगत कराया और पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि अनूप कुमार सोनी ने प्रकृति और जैव विविधता संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक जीव पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के तोतों, उनकी जीवन शैली तथा पर्यावरणीय महत्व के बारे में जानकारी दी और लोगों से पक्षियों को पिंजरों में कैद न करने की अपील की। उन्होंने बताया कि वन्य पक्षियों को पकड़ना और कैद करना वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत दंडनीय अपराध है।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नारे लगाए। सभी प्रतिभागियों ने एकल-उपयोग प्लास्टिक का प्रयोग कम करने तथा पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की शपथ ली।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बर्ड सैंक्चुरी परिसर और आसपास निकाली गई जागरूकता रैली रही। विद्यार्थियों ने जैव विविधता संरक्षण, पक्षी संरक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता के संदेश वाले रंग-बिरंगे पोस्टर और तख्तियां लेकर रैली निकाली। गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए मिट्टी के जलपात्र भी स्थापित किए गए।
इस अवसर पर सुश्री परमजीत ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए मुख्य अतिथि को तोते का एक कार्यशील मॉडल भेंट किया। वहीं सुश्री आयर्वीर खोसला, सेंट जेवियर्स स्कूल की छात्रा ने तोतों और प्रकृति संरक्षण पर आधारित कविता प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से श्रेष्ठ नारे और आकर्षक पोस्टर तैयार करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. रविन्द्र नाथ (प्रसिद्ध उद्यान विशेषज्ञ एवं कोषाध्यक्ष, ईएसआई), इंजीनियर अशोक बंसल, श्री के.एल. सचदेवा, सुश्री ऋतु खोसला तथा सुश्री शशि झिंगन सहित सोसायटी के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
श्रीमती अनुबाला, प्रवक्ता, राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-33 डी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा चंडीगढ़ वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। विशेष रूप से जतिन्दर सिंह, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर तथा उनकी टीम के सहयोग की सराहना की गई।
कार्यक्रम में राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मक्खन माजरा, गवर्नमेंट स्मार्ट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-50, राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-33 डी,ल तथा सेंट जेवियर्स स्कूल के विद्यार्थियों और अध्यापकों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का समापन जैव विविधता संरक्षण, पक्षियों के प्राकृतिक आवासों की रक्षा, प्लास्टिक प्रदूषण में कमी तथा स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।





