चंडीगढ़ में मानव तस्करी पर राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन
डीजीपी हुड्डा की मौजूदगी में पूर्व डीजीपी समेत विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव


चंडीगढ़। यूटी चंडीगढ़ पुलिस द्वारा मंगलवार को मानव तस्करी के खिलाफ राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एमजीएसआईपीए), संगम हॉल में किया गया। सम्मेलन में 26 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि डीजीपी डॉ. सागरप्रीत हुड्डा (आईपीएस) रहे। इस मौके पर डीआईजी राजीव रंजन, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसपी (सिटी) प्रियंका सहित पुलिस के सभी डीएसपी, एसएचओ और इंस्पेक्टर मौजूद रहे। सम्मेलन में चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन शिप्रा बंसल, विधिक सेवा प्राधिकरण, डीडीए, एपीपी, शिक्षा, स्वास्थ्य व श्रम विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। इसके अलावा यूटीसीपीसी, सीडब्ल्यूसी, स्नेहालय, नारी निकेतन, “उम्मीद” एनजीओ और जिला युवा विकास संगठन के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर बहु-एजेंसी समन्वय को मजबूती दी। चार सत्रों में विशेषज्ञों ने मानव तस्करी के बदलतेरुझानों, कानूनी प्रावधानों और पीड़ितों के पुनर्वास पर चर्चा की। पूर्व डीजीपी डॉ. पीएम नायर (आईपीएस) ने इंटेलिजेंस आधारित पुलिसिंग पर जोर दिया, जबकि एसएलएसए, चंडीगढ़ के सदस्य सचिव अरुण कुमार अग्रवाल ने सरकारी योजनाओंकी जानकारी दी। सेवानिवृत्त डीजीपी डॉ. केपी सिंह ने कानूनों की प्रभावी क्रियान्विति और हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य परमजीत सिंह बडोला ने एनजीओ की भूमिका पर प्रकाश डाला। सम्मेलन में अंतर-विभागीय समन्वय, खुफिया जानकारी साझा करने, पीड़ितों की पहचान और पुनर्वास तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। इससे मामलों में तेजी, बेहतर जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में अहम प्रगति की उम्मीद जताई गई।



