प्लास्टिक मुक्त चंडीगढ़ के लिए विद्यार्थियों ने सीखी पर्यावरण-अनुकूल पेपर बैग बनाने की कला.

प्लास्टिक मुक्त चंडीगढ़ के लिए विद्यार्थियों ने सीखी पर्यावरण-अनुकूल पेपर बैग बनाने की कला.

चंडीगढ़, 10 जुलाई: पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा एकल-उपयोग (सिंगल यूज़) प्लास्टिक के प्रयोग को कम करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ वैल्यूएबल कम्युनिटी ने द एनवायरमेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया (ईएसआई) एवं प्रसंचेतस फाउंडेशन के सहयोग से आज राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-23ए, चंडीगढ़ में पर्यावरण-अनुकूल पेपर बैग निर्माण कार्यशाला का सफल आयोजन किया। इस आयोजन को डॉ. ऋतु नागिया का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यशाला का संचालन सुश्री अंजलि कपूर एवं श्री इंदर ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सरल एवं कम लागत वाली तकनीकों से आकर्षक एवं टिकाऊ पेपर बैग बनाना सिखाया। इस सहभागितापूर्ण कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने तथा प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर कागज़ के बैगों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।
The programme was attended by Mr. N. K. Jhingan, Mr. Rakesh Sharma, Ms. Chandni Sharma, members of the Environment Society of India, volunteers from SD College, and other distinguished guests, who applauded the students’ enthusiasm and commitment towards environmental conservation.

कार्यशाला में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले विद्यार्थियों को उनकी रचनात्मकता एवं उत्कृष्ट सहभागिता के लिए स्मृति-उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर चंडीगढ़ वैल्यूएबल कम्युनिटी के संस्थापक श्री राजिंदर सिंह ने कहा, “विद्यार्थी द्वारा बनाया गया प्रत्येक पेपर बैग स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार के सरल हस्तनिर्मित उत्पाद न केवल प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में सहायक हैं, बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, उद्यमिता तथा आत्मनिर्भरता की भावना भी विकसित करते हैं। विद्यार्थी इन कौशलों का उपयोग पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद तैयार करने, स्थानीय मेलों एवं प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाने तथा पॉकेट मनी अर्जित करने के साथ-साथ समाज की सेवा करने में भी कर सकते हैं।”

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए द एनवायरमेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया के सचिव तथा भारतीय एकता मंच के पर्यावरण सचिव श्री एन. के. झिंगन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति के छोटे-छोटे प्रयासों से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने घर, विद्यालय और समाज में पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाकर सतत विकास के दूत बनने का आह्वान किया। उन्होंने चंडीगढ़ वैल्यूएबल कम्युनिटी, प्रसंचेतस फाउंडेशन तथा विद्यालय प्रबंधन के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवा पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने विद्यालय प्रशासन, स्वयंसेवकों एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया, ताकि स्वच्छ, हरित एवं प्लास्टिक-मुक्त चंडीगढ़ के निर्माण में जनभागीदारी को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।



